Published On : Fri, Dec 8th, 2017

विकास कार्य के बिना नक्सलवाद से छुटकारा मिलना मुश्किल – डीजीपी सतीश माथुर

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नागपुर:
नक्सलवाद की समस्या केवल एक ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों में है। इस समस्या का हल निकालने के लिए अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय समिति के माध्यम से इसे सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। गडचिरोली-गोंदिया में विकास कार्य के बिना नक्सलवाद से छुटकारा मिलना मुश्किल है। इस क्षेत्र में अब अच्छा विकास होने लगा है। राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में विकास के लिए 50 करोड की निधि प्रदान की है। इस निधि से इन क्षेत्रों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। यह जानकारी गुरुवार को पुलिस महासंचालक सतीश माथुर ने पत्र परिषद में दी। उन्हाेंने कहा कि इन क्षेत्रों में धीरे- धीरे विकास कार्य होने लगा है। जितना विकास कार्य बढता जाएगा, उतना ही वहां से नक्सलवाद का खात्मा होगा।

उन्होंने कहा कि इन जिलों में बेसमय मौत के मुंह में समाने वाले अपने बीच के ही लोग हैं। इन क्षेत्रों के नागरिक अब नक्सलियों के किसी बहकावे में नहीं आने वाले हैं। वह भी अपना विकास चाहते हैं। सरकार को विकास पर ध्यान देना जरुरी है। इन क्षेत्रों में नक्सल सप्ताह का विरोध इस बात का प्रमाण है कि यहां के नागरिक अब इस जीवन से उब चुके हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले ही राज्य सरकार ने 50 करोड रुपए की निधि सड़क और पुलों के निर्माण कार्य सहित अन्य विकास कार्य किए जाने की बात माथुर ने कही। फ्रंटल आॅर्गनाइजेशन पर कार्रवाई के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि कानून में प्रावधान के अनुसार सभी प्रकार की कार्रवाई करने के लिए पुलिस प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने 7 नक्सलियों को मुठभेड के दौरान मार गिराया। नक्सलियों के खिलाफ यह बडी कार्रवाई है। पुलिस के इस प्रशंसनीय कार्रवाई की राज्य आैर केंद्र सरकार ने पीठ थपथपाई है। इस कार्रवाई के लिए गडचिरोली पुलिस, सी-60 आैर नक्सल विरोधी अभियान का सरकार ने अभिनंदन किया है। गडचिरोली-गोंदिया में नक्सली मुठभेड में घायल पुलिस जवानों को नागपुर में लाया जाता है। उनके उपचार के लिए गडचिरोली में ही सभी सुविधायुक्त अस्पताल बनाए जाने पर विचार शुरू है। इस क्षेत्र के बेरोजगारी को पुलिस विभाग में शामिल िकए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। मुन्ना यादव व अन्य आरोपियों पर पूछे गए सवाल पर पुलिस आयुक्त ने कहा िक उसकी तलाश हो रही है। मिलने पर गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस पर कोई राजनीतिक दबाव होने की बात से माथुर ने इंकार िकया।

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सांगली की घटना में वरिष्ठों की जांच शुरू
सांगली जिले के कस्टडी डेथ पुलिस के िलए शर्मनाक घटना है। इसमें पुलिस आरोपी है। इसलिए कोई दया मया नहीं दिखाई जा रही है। उन्हें बर्खास्त करने की कार्रवाई की जा चुकी है। इस बात का खुलासा डीजीपी माथुर ने पत्र परिषद के दौरान िकया। इस संबंध में वरिष्ठांे की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जबाब में उन्होंने कहा िक वरिष्ठांे की जांच शुरू है। प्रथम दृष्टया में उनका फिलहाल इस प्रकरण से संबंध नहीं होने की बात ध्यान में आई है। अपराध अन्वेषण विभाग इसकी जांच कर रहा है।


अधिवेशन बंदोबस्त
नागपुर में शुरू होने जा रहे शीतसत्र बंदोबस्त के बारे में उन्होंने पुलिस आयुक्त डा के व्यंकटेशम से बातचीत करने को कहा। िकस प्रकार की धमकी मिलने के बारे में पूछने पर कहा िक पुलिस किसी धमकी से नहीं डरती है। वह पूरी तरह सक्षम है। शीतसत्र बंदोबस्त में इस वर्ष स्टाफ कम करने के बारे में उन्होंने कहा िक पुलिस आयुक्त बेहतर जानते हैं। फोर्स वन सिर्फ परेड तक सीमित हो गई है। इस पर उन्होंने बात टाल दिया।

पुलिस महासंचालक ने िकया उपायुक्त -2 के नए कार्यालय का उदघाटन
राज्य के पुलिस महासंचालक सतीश माथुर की उपस्थिति में सीताबर्डी स्थित पुलिस परिमंडल क्रमांक 2 के उपायुक्त के नए कार्यालय का उदघाटन िकया गया। माथुर ने महिला पुलिस उपायुक्त श्वेता खेडकर और स्मार्तना पाटील के हाथों फीता कटवाकर नए कार्यालय का शुभारंभ िकया। इस अवसर पर शहर पुलिस आयुक्त डॉ. के. व्यंकटेशम, सहपुलिस आयुक्त शिवाजीराव बोडखे, नक्सल विरोधी अभियान के प्रमुख शरद शेलार, अतिरिक्त आयुक्त श्यामराव दिघावकर, पुलिस उपायुक्त संभाजी कदम, राहुल माकनीकर, एस चैतन्य, राकेश ओला, एसीपी पाटील व अन्य अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित थे।

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