Published On : Wed, Jan 2nd, 2019

बच्चों का विकास भी समाज व राष्ट्र विकास का हिस्सा है, घर के वातावरण सकारात्मक बनाए रखिए

लोधी समाज के युवक युवती परिचय सम्मेलन में मोटिवेशन गुरु लोकेशकुमार लिल्हारे ने कहा

नागपुर: सफलता के लिए स्पर्धा जरुरी है। पर स्पर्धा की शुरुआत स्वयं से होनी चाहिए। औरों को दोष देने से कुछ हासिल नहीं होता है। अपनी भूमिका व विकास में योगदान का मूल्यांकन करते रहिए। खासकर बच्चों के विकास पर सामाजिक दृष्टि से ध्यान दीजिये। बच्चों का विकास भी समाज व राष्ट्र विकास का हिस्सा है।

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घर का वातावरण सकारात्मक बनाए रखिए। यह कहना है मोटिवेशन गुरु व छू लो आसमान किसने रोका है सीरीज के वक्ता लोकेशकुमार लिल्हारे का। प्रशासनिक सेवा में कार्यरत लोकेशकुमार का मानना है कि कुछ नहीं हो पाने की सोच व सलाह भी कई बार सफलता के मार्ग में बाधा बनती है,इसलिए इन विचारों से सबने परहेज करना चाहिए। लोधी क्षत्रिय संस्था नागपुर की ओर से रविवार 30 दिसंबर को युवक युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। गांधीसागर परिसर स्थित शिक्षक सहकारी बैंक सभागृह में आयोजित इसी कार्यक्रम में श्री लिल्हारे बोल रहे थे।

मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री व विधायक जालमसिंह पटैल, उत्तरप्रदेश के विधायक व लोधी महासभा के अध्यक्ष विपीन वर्मा डेविड, पूर्व उपमहापौर किशोर कुमेरिया,लोधी क्षत्रिय संस्था नागपुर के अध्यक्ष युवराज बेहेरखेडे, सचिव डॉ.जगन्नाथ मुरोडिया मंच पर थे। जालमसिंह पटेल ने कहा कि सफलता के लिए कोई अड़चन मायने नहीं रखती है। संकल्प का कोई विकल्प ही नहीं होना चाहिए। विधायक डेविड ने कहा कि उच्च पदों पर आसीन लोगों ने समाज विकास के कार्यों में योगदान देना चाहिए। श्री कुमेरिया ने महाराष्ट्र के लोधी समाज को केंद्र की ओबीसी आरक्षण की सूची में शामिल करने के मामले पर प्रमुखता से प्रकाश डाला। करीब 1000 विवाह योग्य युवक युवतियों ने परिचय दिया। परिचय पत्रिका का भी विमोचन किया गया।

मेधावी विद्यार्थियों का सत्कार किया गया। कार्यक्रम में विविध राज्यों के प्रतिनिधि व युवक युवती शामिल हुए थे। संचालन विनोद वर्मा ने किया। अतिथि परिचय कविता ठाकरे व युवक युवती परिचय का संचालन एड.कंचन करमरकर ने किया। अजय ठाकरे, पदमाकर मुरोडिया, सुनील तिवारी, खेमराज दमाहे, मनोहर अटराहे, कमलसिंह वर्मा, रतनलाल कुमेरिया, प्यारेलाल वर्मा, नत्थू नौकरिया, शिवपाल वर्मा, नरेंद्र लिल्हारे, जानदेव आमगांंवकर, एड.संजय करमरकर आदि ने कार्यक्रम के सफलतार्थ कार्य किया।

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