Published On : Mon, Sep 25th, 2017

“विकास शुल्क” के नाम पर मेडिकल कॉलेज विद्यार्थियों से वसूल रहा हर साल 5 हजार रुपए

GMCH, Nagpur
नागपुर
: शहर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों से कॉलेज प्रबंधन की ओर से ”कॉलेज विकास शुल्क ” के नाम से हर वर्ष 5 हजार रुपए वसूले जा रहे हैं. जिसका अब विद्यार्थी विरोध कर रहे हैं. इस मनमाने शुल्क के बारे में विद्यार्थियों ने मेडीकल कॉलेज के डीन से भी शिकायत की लेकिन उनका कहना था कि डीएमईआर (वैद्यकीय शिक्षा व संशोधन संचानालय) की ओर से नियम है. जिसके अनुसार ही शुल्क वसूला जा रहा है. यहां पर मेडीकल की पढ़ाई कर रहे अंडरग्रेजुएट विद्यार्थी करीब एक हजार है तो वहीं पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थीयों की संख्या 400 के लगभग है. 5 हजार रुपए के हिसाब से अगर इन विद्यार्थियों का हिसाब लगाया जाए, तो इसकी कुल रकम लाखों में होगी.

इसमें ख़ास बात यह है कि जिस कॉलेज को सरकार की तरफ से अनुदान नहीं मिलता है वह थोड़ा बहुत शुल्क विद्यार्थियों से वसूलते हैं और उससे कॉलेज में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रयत्न किया जाता है. लेकिन मेडिकल हॉस्पिटल और कॉलेज सरकारी है. यहां का सभी खर्च सरकार की ओर से किया जाता है. कॉलेज प्रबंधन की ओर से केवल सरकार के पास कॉलेज में लगे खर्च से संबंधित बिल भेजने होते हैं. बावजूद इसके विद्यार्थियों से इस तरह से विकास शुल्क के नाम से 5 हजार रुपए की वसूली नियमों के खिलाफ है.

मेडिकल अस्पताल में पिछले छह महीने से वाईफाई बंद किया गया है. विद्यार्थियों का कहना है कि सरकारी कॉलेज होने के बावजूद भी यहां 5 हजार रुपए लिए जा रहे हैं. जब पैसे भरते समय प्रबंधन से विद्यार्थी पैसे के बारे में जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो उन्हें विकास शुल्क की जानकारी दी जाती है. विद्यार्थियों ने मांग की है कि विकास शुल्क के नाम पर विद्यार्थियों की लूट मेडीकल कॉलेज बंद करे.

इस पूरे मामले में मेडिकल हॉस्पिटल और कॉलेज के डीन डॉ. अभिमन्यु निसवाड़े से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई भी प्रतिसाद नहीं दिया.