Published On : Thu, Jun 28th, 2018

टिमकी में स्वर्गीय जगजीवनराम परिसर ( विरंगुळा केंद्र ) विकसित करने की मांग

नागपुर: स्वर्गीय बाबू जगजीवनराम दलितों के नेता होने के साथ ही साथ देश के उप प्रधानमंत्री भी रहे.इनके द्वारा दलित उत्थान हेतु किये गए उल्लेखनीय कार्यो की याद ताजा रखने हेतु पूर्व महापौर अटल बहादुर सिंह और हिम्मतराय सरायकर के पहल पर मनपा में वर्ष १९९६ में शहर में पूर्णकृति पुतला निर्माण करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी.तब से अबतक मनपा की निष्क्रियता के कारण पूर्ण नहीं हो पाया।

लगभग २१ वर्ष बाद मनपा में विपक्ष नेता तानाजी वनवे,वरिष्ठ नगरसेवक किशोर जिचकर व चर्मकार समाज के युवा नेतृत्वकर्ता अनिल मछ्ले ने पुनः एक बार स्वर्गीय बाबू जगजीवनराम के पुतले की स्थापना के लिए सक्रीय हुए.इस क्रम में सर्वप्रथम तानाजी वनवे ने सत्तापक्ष नेता संदीप जोशी से चर्चा की.सत्तापक्ष नेता जोशी ने तानाजी की मांग को सकारात्मक तवज्जों दी.इसके बाद वनवे,जिचकर और मछ्ले ने टिमकी स्थित वर्षो से बंद पड़ी मराठी शाला परिसर में भेंट दी.यह परिसर अवैध शौचालय,खुले जानवरों का आवास,आसपास के रहवासियों द्वारा किया अतिक्रमण से रु-ब-रु होना पड़ा.

मछ्ले ने वनवे,जिचकर को जानकारी दी कि इस परिसर का स्कूल का हिस्सा बंद और जर्जर होने के कारण इसे ढहाने का प्रस्ताव एक दशक पूर्व बनाया गया लेकिन प्रशासन की लापरवाही से यह प्रस्ताव आज धूल के साये में हैं.ठीक इससे लगा खुला परिसर मनपा स्वास्थ्य विभाग का हैं,यह जगह आज स्थानीय नागरिकों के कब्जे में हैं.

जिचकर ने सुझाव दिया कि इस प्रभाग में जेष्ठ नागरिकों और बच्चों सह युवाओं के लिए खुली जगह नहीं हैं,दोनों परिसर को एक कर इस परिसर को बाबू जगजीवनराम परिसर ( विरंगुळा केंद्र ) के रूप में विकसित किया जाये तो स्थानीय रहवासियों के लिए हितकारी साबित हो सकता हैं.इस परिसर में बड़ी संख्या में चर्मकार समाज वर्षो से रह रहा हैं.

कांग्रेस नेता व मनपा में विपक्ष नेता तानाजी वनवे ने प्रभाग के सभी कांग्रेसी नगरसेवकों पर विश्वास प्रकट करते हुए सहयोग की अपील की हैं.

इस दौरे के उपरांत अनिल मछ्ले ने समाज बन्धुओं के मध्य उक्त प्रस्ताव को मजबूती प्रदान करने हेतु महापौर के नाम उक्त प्रस्ताव का जिक्र करते हुए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया हैं.हस्ताक्षर अभियान के उपरांत विपक्ष नेता वनवे,किशोर जिचकर के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल महापौर,उपमहापौर,सत्तापक्ष नेता और आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें इस आर्थिक वर्ष में उक्त परिसर के विकास करने हेतु निधि के प्रावधान करने की मांग करेंगा।