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    Published On : Tue, Jun 19th, 2018
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    खत्म हुआ अरविंद केजरीवाल का धरना

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल के आवास पर पिछले 9 दिनों से चल रहा अपना धरना खत्म कर दिया है. उनकी ओर से धरना खत्म किए जाने के बाद मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे के बीजेपी नेताओं और आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने भी अपना धरना समाप्त कर दिया है.

    धरना खत्म करने से पहले राज्य के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने उन्हें हालात की जानकारी दी. इसके बाद केजरीवाल के धरना खत्म करने की जानकारी सामने आ गई. केजरीवाल दिल्ली के एलजी से मिलने को लेकर धरने पर बैठे थे, वह और उनके साथ मौजूद गोपाल राय एलजी से बिना मिले ही लौट आए.

    इसी दौरान दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की. उन्होंने कहा कि ज्यादातर अधिकारी काम पर लौट आए हैं. अधिकारियों ने मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया. मनीष सिसोदिया ने दूसरे मंत्रियों के साथ मंगलवार को कामकाज संभाला था.

    हालांकि, मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमने एलजी हाउस पर धरना नहीं दिया था, हम LG साहब से मिलने के लिए इंतज़ार कर रहे थे. राशन की बात अब हम जनता के बीच में जाकर ही करेंगे.

    मनीष सिसोदिया ने कहा कि कल सभी मंत्रियों की तरफ से कुछ रिव्यू बैठक बुलाई गई है. दलाई लामा को एक कार्यक्रम में दिल्ली आना है, उस आयोजन के लिए कल एक बैठक बुलाई गई है.

    दिल्ली के डिप्टी सीएम ने कहा कि काम पर आने का मकसद यही है कि जो अधिकारी और मंत्रियों के बीच बातचीत नहीं हुई, वो सुलझ रही है. अधिकारियों को ऊपर से फ्री हैंड दिया है, एक अच्छी पहल है. हालांकि, उन्होंने कहा कि एलजी पर अभी अंग्रेजों का प्रभाव है.

    बीजेपी विधायकों का भी धरना खत्म

    दूसरी ओर, पिछले पांच दिनों से दिल्ली सचिवालय में सीएम ऑफिस के बाहर बीजेपी विधायक विजेंदर गुप्ता, जगदीश प्रधान, मनजिंदर सिंह सिरसा के अलावा बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा और आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिसमें से विजेंदर गुप्ता की तबियत खराब होने की वजह से जीबी पंत अस्तपताल में भर्ती हैं.

    केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन और दिल्ली बीजेपी प्रभारी श्याम जाजू ने विजेंदर का भूख हड़ताल तोड़वाया. बाकी लोगों ने मंगलवार को केजरीवाल की ओर से हड़ताल खत्म किए जाने के बाद अपना धरना खत्म कर दिया है.

    बीजेपी नेताओं का कहना है आखिरकार केजरीवाल का गुरुर तोड़ दिया गया है. हमारी मांग थी कि मंत्री काम पर लौटें जिसके जवाब आज सारे मंत्रियों ने कामकाज संभाल लिया और अधिकारियों के साथ बैठक की. इसलिए वो भी धरना खत्म कर रहे हैं.

    सिसोदिया और जैन हुए थे भर्ती

    इससे पहले, अरविंद केजरीवाल के साथ अनशन पर बैठे मंत्रियों सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया की तबीयत बिगड़ने से दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां से दोनों छुट्टी मिलते ही अपने-अपने घर को चले गए.

    IAS अफसरों को न्योते का इंतजार

    इस बीच IAS एसोसिएशन से केजरीवाल अपील पर आज एक फिर नरमी का संकेत दिया था. एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि अब वो केजरीवाल सरकार की ओर से अधिकारिक न्योते के इंतजार में है. IAS एसोसिएशन की ओर से ट्वीट में कहा, ‘माननीय मुख्यमंत्री की आश्वासन के बाद अब हम सचिवालय में उनके साथ औपचारिक बातचीत के लिए न्योते के इंतजार में है. हम फिर दोहरा रहे हैं कि हमारे अधिकारी आज भी काम पर हैं.’

    केजरीवाल ने दिया था आश्वासन

    बता दें, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा था कि आईएएस अफसर हमारे परिवार का हिस्सा हैं. उन्हें सुरक्षा देना हमारी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि चुनी हुई सरकार का विरोध आईएएस अफसर बंद कर दें. मुख्यमंत्री की ओर से अफसरों की सुरक्षा का भरोसा जताए जाने के बाद आईएएस एसोसिएशन ने भी नरमी दिखाई थी.

    वहीं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी ट्वीट कर कहा था कि अगर IAS अफसर बातचीत को तैयार हैं तो उपराज्यपाल अनिल बैजल को सरकार-अफसरों की बात कराने में भूमिका निभानी चाहिए.

    दिल्ली हाईकोर्ट ने की थी टिप्पणी

    दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को पूछा था कि ये धरना है या हड़ताल और क्या इसकी कोई अनुमति ली गई या खुद ही तय कर लिया गया. कोर्ट ने पूछा कि अगर इसका फैसला केजरीवाल और मंत्रियों ने लिया तो ये एलजी के घर के बाहर होना चाहिए था. क्या एलजी के घर के अंदर धरना करने के लिए इजाजत ली गई है? हाईकोर्ट ने कहा कि आप कैसे किसी के घर या दफ्तर में जाकर हड़ताल पर बैठ सकते हैं.

    ये थीं AAP की तीन मांगें

    – एलजी खुद IAS अधिकारियों की गैरकानूनी हड़ताल तुरंत खत्म कराएं, क्योंकि वो सर्विस विभाग के मुखिया हैं.

    – काम रोकने वाले IAS अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लें.

    – राशन की डोर-स्टेप-डिलीवरी की योजना को मंजूर करें.


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