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    Published On : Sat, Jun 30th, 2018

    दीक्षा भूमि और स्मृति मंदिर के आदर्श पर चलेगा देश – इंद्रेश कुमार


    नागपुर – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य और वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार के मुताबिक आने वाला भारत दीक्षा भूमि और स्मृति मंदिर के महापुरुषों के विचारों पर चलेगा। नागपुर में देश की वर्तमान परिस्थिति इस विषय पर अपने भाषण में इंद्रेश कुमार ने कहाँ देश में धर्मो के भीतर और जातियों में अंतर्विरोध व्याप्त है। ये हकीकत है इसे झुठलाया नहीं जा सकता। हम सिर्फ है कहने को कहते है मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर करना लेकिन ये बात प्रैक्टिस में नहीं है।

    अलग-अलग धर्म के बीच संवाद नहीं हो रहा है।ये स्थिति सिर्फ धर्म के बीच नहीं है बल्कि जातियों और संप्रदायों में भी बंटी हुई है। इसलिए देश में दंगे-फसाद और आपसी मनमुटाव सामने आता है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने हिंदू और मुस्लिम के बीच संवाद की प्रक्रिया को स्थापित करने का प्रयास किया लेकिन ये सभी धर्मों के बीच होना चाहिए।

    नागपुर देश का दिल है भविष्य का भारत यही के दीक्षा भूमि और स्मृति मंदिर के विचारो पर खड़ा होगा। डॉ आंबेडकर और डॉ हेडगेवार जाति,धर्म,भेद,पंथ,अमीरी-गरीबी के बीच की खाई को मिटाने का काम किया। उनके विचारो को देश आत्मसाथ करेगा।

    भारत को लेकर वैश्विक स्तर पर गलत छवि प्रस्तुत करने का षड्यंत्र कर रहा है। हमें अमेरिका बताता है की हमारा देश महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। ये बात ऐसा देश कह रहा है जहाँ कुमारी माता का प्रतिशत 33 फीसदी है जबकि भारत में यह प्रतिशत महज 0.78 फीसदी का है।

    भ्रूणहत्या के मामले भारत में सिर्फ 0.62 फीसदी है जबकि अमेरिका में यह प्रतिशत 18 है। हमें लॉ ऑफ़ लैंड के साथ लॉ ऑफ़ हैवन के बारे में सोचना पड़ेगा। देश की बुराईयों को ख़त्म करने के लिए हर नागरिक को अपना दायित्व निभाना पड़ेगा। उन्होंने राहुल गाँधी का नाम लेते हुए अमीरिका की रिपोर्ट पर देश के लोगों को कठघरे में खड़ा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहाँ की क्या वो कह रहे है की देश का हर नागरिक महिलाओं पर अत्याचार कर रहा है।

    कुमार ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहाँ की बीते चार वर्षो में देश में अभूतपूर्व बदलाव महसूस हो रहा है। अतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत चीन पाकिस्तान को जिस अंदाज में जवाब दिया। उसने देश की ताकत से विश्व को अवगत कराने कराने का काम किया।

    जब जम्मू -कश्मीर में मकसद पूरा हो गया तो केंद्र सरकार ने समर्थन वापस ले लिए

    कुमार के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में सरकार से समर्थन वापस लेना योजना का हिस्सा था। सरकार में रहने के दौरान कई अहम काम हुए जिसमे सर्जिकल स्ट्राइक,सेना पुलिस को कार्रवाई के लिए खुला छोड़ा गया जिससे करीब 250 आतंकवादी को मारा गया। एनआयए,आईबी को आज़ादी दी गई कश्मीर की सुरक्षा के लिए ये सब जरुरी था।

    47 का विभाजन अवैध

    इंद्रेश कुमार के मुताबिक सन 1947 में देश को आज़ादी नहीं मिली थी। मिला था विभाजन वो भी न होता अगर बापू अपने वचन पर अड़ जाते तो किसी की हिम्मत न होती देश का विभाजन करने की। लेकिन विभाजन हुआ जो अवैध था। इस विभाजान के बाद बीते 70 वर्ष और 84 महीने में ऐसा एक भी महीना नहीं रहा जब कश्मीर में शांति रही हो। देश की आज़ादी के जश्न में गाँधी,विनोबा,आचार्य कृपलानी,श्यामाप्रसाद मुखर्जी जैसे देश भक्तों ने हिस्सा नहीं लिया था। उन्होंने तब भी कहाँ था हमें आजादी चाहिए थी विभाजन नहीं।

    नागपुर के लोग लाहौर में घर लेने तैयार रहे

    अपने भाषण में कुमार ने कहाँ की वो दिन दूर नहीं जब नागपुर के लोग पाकिस्तान के किसी भी शहर के संपत्ति ले सकते है। जैसे हालत है यह समय आने वाले 10 सालों में आ सकता है। पाकिस्तान गृहयुद्ध का शिकार है आने वाले वाले दौर में उसके कई टुकड़े होंगे ये तय है लेकिन देश के नागरिकों को ये तय करना चाहिए की उनकी मृत्यु अखंड भारत में होगी।

    तालमहल की जगह विश्विद्यालय या अस्पताल होता तो अच्छा होता

    किसी राजा के पास जमीन थी पैसा था। उसने अपने पत्नी के लिए प्रेम का प्रतिक ताजमहल बनाया। उसे देख कर किसका भला हो रहा है। इसकी जगह विश्वविद्यालय या फिर अस्पताल बनता तो उसका कोई इस्तेमाल होता।


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