Published On : Mon, Mar 30th, 2020

कोरोना वायरस की लड़ाई में व्यापारियों का अहम योगदान

नागपुर, शहर में व्यापारी समुदाय से जुड़े और कई व्यापारिक सामाजिक संघटनो से जुड़े प्रताप मोटवानी ने कहा कि सरकार के निर्देश अनुसार अत्यावश्यक वस्तुओं की पूर्ति हेतु अनाज,सहित जीवनश्यक वस्तु व्यवसायी पोलिस की परमिशन लेकर जीवयनाश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कर रहे है मोटवानी के अनुसार संकट की इस घड़ी व्यापारी दुकानों में मजदूरों के साथ मिलकर खुद तथा परिवार को दांव पर लगाकर नागरिको की सेवाएं दे रहे है , जानकारी अनुसार वर्तमान में कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा खतरा व्यापारियो को है।व्यापारी उनके गोदाम तथा दुकानों में जितना स्टॉक है वह सभी उचित दामो पर नागरिको को दे रहे है!उन्हें अन्य प्रदेशों से बाकी का माल मंगाना पड़ता है!

उन प्रदेशो में कोरोना वायरस की वजह से मण्डिया,मिले, बन्द है मजदूर अपने अपने गांव परिवार के पास चले गये है!इस स्थिति में उनके पास जितना स्टॉक वहः खत्म कर रहे है!डिमांड अनुसार आपस में आदान प्रदान करते है इतनी सेवाएं देने के बावजूद कुछ तत्वो द्वारा व्यापारियो को कालाबाजारी के आरोप लगाये जा रहे है। मोटवानी के अनुसार सभी व्यापारी ऐसे नही होते , वर्तमान में अधिकांश व्यापारी ईमानदारी से देश सेवा कर रहे है।

अपने और परिवार की जान जोखिम में डाल कर आम जनता को राशन की पूर्ति कर रहे है।।सभी ऐसे ईमानदार व्यापारियो को ऐसे बेतुके आरोप लगाने से आक्रोश निर्माण हो रहा है जो तत्व बेबजह के आरोप लगा रहे है वह लोग ऐसी स्थिति में आम नागरिको की सेवाओं के लिये एक दूसरे का साथ देवे ,यह समय आरोप प्रत्यारोप का नही है ,वर्तमान में व्यापारी वर्ग घर से निकल कर आम जनता को पूर्ति कर रहा है। और पैसे कमाना उद्देश्य नहीं है।।देश के सामने ऐसी विकट परिस्थिति कभी नही आई है।

व्यापारियो को कार्य करते हुए जान का खतरा बना हुआ है। मोटवानी ने बताया कि नागपुर में जो कोरोना पोजेटिव मिले है उसमें अधिक संख्या वाला व्यापारी ही है।।देश मे आयी यह भीषण प्राकर्तिक विपदा में व्यापारी भी सभी सेवाओं के साथ कंधे से कंधा मिला कर मानवता की सेवा और योगदान दे रहा है।

जिंसों के दाम समय समय पर घटते बढ़ते है।।वर्तमान में ट्रक भाड़े दुगने हो गए है।।क्यों कि ट्रको को एक तरफ ही लोड मिलने से आने जाने का भाड़ा लग रहा है।

अन्य राज्यो की मंडियो से ट्रक नही मिलने से कच्चा माल और अन्य जीवनश्यक वस्तुओ की पूर्ति नही हो रहा है।।ग्राहक घबराहट में पैनिक खरीदी कर रहे है।।शहर में स्टॉक धीरे धीरे घट रहा है।

लेकिन अभी भी भाव कंट्रोल में है।।और सभी दलहन सरकार के समर्थन मूल्यों से अभी भी कम है।अतः इस संकट की घड़ी में जो व्यापारी अपनी और अपने परिवार की जान में जोखीम में डाल कर आम जनता को खाद्यान की पूर्ति कर रहे है।

उन पर ऐसे गलत आरोप नही लगाए।व्यापारी को अगर सरकार निर्देश दे तो अपनी दुकानें बंद कर घर बैठने को तैयार है।।उन्हें कोई स्वार्थ या लालच नही है।व्यापारियो द्वारा सामाजिक कार्य भी देश हित मे कर रहे है।।गरीबो को निशुल्क राशन और भोजन करवा रहे है ।

मोटवानी ने सभी से आग्रह है ऐसी परिस्थिति में आरोप प्रत्यारोप लगाने की बजाय जनता की सेवा कार्य कर और कोरोना वायरस से मुकाबला कर सरकार के निर्देशों का पालन करे।