Published On : Fri, Mar 23rd, 2018

दीक्षांत समारोह का सिनेट सदस्य प्रवीण उदापुरे ने किया विरोध

नागपुर: दीक्षांत समारोह के आयोजन के लिए एक नोटिफिकेशन निकालकर 24 मार्च को होनेवाली 118 परीक्षाओ को आगे बढ़ाने का निर्णयनागपुर यूनिवर्सिटी ने लिया है. नागपुर यूनिवर्सिटी के इस निर्णय का असर 670 कॉलेज के 4 लाख 50 हजार विद्यार्थियों पर होगा . यह कहना है नागपुर यूनिवर्सिटी के नवनिर्वाचित भंडारा के सदस्य प्रवीण उदापुरे का. भंडारा में पत्र परिषद का आयोजन कर उन्होंने यूनिवर्सिटी के इस निर्णय का कड़ा विरोध किया है.

उदापुरे ने बताया की यूनिवर्सिटी का परीक्षा का टाईमटेबल 2 महीने पहले जांच परख कर बनाया जाता है. 24 मार्च को होनेवाली 118 परीक्षाओ की परीक्षा 8 अप्रैल को होने की सुचना 20 मार्च को दी गयी है. इसकी सुचना नागपुर यूनिवर्सिटी ने समाचार पत्रों में दी. लेकिन ज्यादातर समाचारपत्र केवल नागपुर के ही थे. कई विद्यार्थी परीक्षा के कारण व्यस्त है. जिसके कारण वे यह नोटिस नहीं देख सके. समय पर सुचना नहीं मिलने की वजह से परीक्षा के दिन परीक्षा केंद्र पर विद्यार्थियों को परेशानी होनेवाली है.

प्रवीण उदापुरे ने यूनिवर्सिटी के इस निर्णय पर आगे कहा कि यूनिवर्सिटी ने 8 अप्रैल को परीक्षा लेने का निर्णय लिया है अगर किसी विद्यार्थी को अप्रैल 8 को बाहर जाना है या फिर दूसरी परीक्षा देनी होगी तो वह क्या करेगा . उन्होंने कहा कि अगर किसी विद्यार्थी ने कोर्ट में इस निर्णय के विरोध में कोर्ट में याचिका डाली तो यूनिवर्सिटी की मुसीबते भी बढ़ सकती है. कोई राष्ट्रीय आपदा आने पर ही या फिर विशेष इमरजेंसी में ही परीक्षा को आगे बढ़ाया जाता है. लेकिन नागपुर यूनिवर्सिटी ने इसे आगे क्यों बढ़ाया.

परीक्षा जरुरी है या फिर दीक्षांत समारोह . उदापुरे का कहना है कि वे इस निर्णय को लेकर महाराष्ट्र के राज्यपाल से शिकायत करेंगे साथ ही इसके सिनेट सदस्य होने के नाते उन्होंने दीक्षांत समारोह पर बहिष्कार डालने का निर्णय लिया है. प्रवीण उदापुरे का कहना है कि मुख्य अतिथि के रूप में इस समारोह में राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित भी आनेवाले है अगर उन्हें इस बारे में जानकारी दी गयी की दीक्षांत समारोह के कारण विद्यार्थियों का नुकसान हुआ है तो वे खुद ही इस समारोह पर बहिष्कार डालेंगे .