Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Sat, Aug 12th, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    बिना इजाज़त अंबाझरी तालाब किनारे मेट्रो का निर्माणकार्य

    MLC Prakash Gajbhiye

    File Pic


    नागपुर:
    विधायक प्रकाश गजभिये ने विधान परिषद में नागपुर मेट्रो से जुड़ा एक सवाल पूछकर परियोजना पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाकर विधायक ने परियोजना के रीच 3 के तहत अंबाझरी तालाब से ठीक बगल से बनाए जा रहे पिल्लर से भविष्य में तालाब को नुकसान होने का अंदेशा व्यक्त किया है। सवाल के साथ ही सनसनीखेज जानकारी उपस्थित करते हुए उन्होंने काम के लिए डैम सेफ्टी ऑरगेनाइजेशन का एनओसी भी नहीं लिए जाने का दावा किया। विधायक के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री रणजीत पाटिल ने बताया कि जल संसधान विभाग के वर्ष 2013 आदेश के मुताबिक डैम से 200 मीटर तक कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता। मनपा ने जल संसाधन विभाग के मार्फ़त डैम सेफ़्टी ऑर्गेनाइजेशन से इजाज़त की माँग की थी।

    इस सवाल का खुद मुख्यमंत्री ने लिखित जवाब देते हुए इसी महीने बैठक कर इस मुद्दे का हल निकालने की बात कही। लेकिन बड़ा मुद्दा ये है की कैसे नियमों को ताक पर रखकर संवेदनशील जगह पर काम कर लिया गया। क्या महानगर पालिका,मेट्रो या राज्य सरकार किसी को भी नियम की जानकारी नहीं थी या फिर जानबूझकर नियमों की अनदेखी सिर्फ काम की गति को बरक़रार रखने के लिए की गयी। गौरतलब है की अंबाझरी तालाब से सटकर ही मेट्रो का स्टेशन और 17 पिल्लर का निर्माण किया जायेगा। 17 में से 9 पिल्लर का काम हो भी चुका है जबकि बाकि का काम बारिश की वजह से कुछ दिनों के लिए रोका गया है। डीएसओ ( डैम सेफ्टी ऑरगेनाइजेशन ) के नियम के मुताबिक किसी भी डैम के 200 मीटर दायरे में किसी भी तरह का काम प्रतिबंधित है।

    विधानपरिषद में सुरक्षा से जुड़ा यह अहम सवाल उठाने वाले विधायक प्रकाश गजभिये का कहना है की उन्हें शहर के लिए जरुरी मेट्रो परियोजना से और उसके काम पर कोई विरोध नहीं है। उन्होंने सिर्फ आशंका व्यक्त करते हुए यह सवाल उठाया है। कोई भी विकासकार्य नियमों को ताक पर ऱखकर नहीं किया जाना चाहिए। मेट्रो स्टेशन के निर्माण में तालाब से आसपास भारी मात्रा में खुदाई होगी जिससे किसी अप्रिय घटना का डर है इसलिए स्टेशन को वीएनआईटी गेट के सामने शिफ़्ट करना चाहिए।

    नियम की अनदेखी कर भले ही अब तक पिलर के निर्माण का काम हुआ हो पर मेट्रो का दावा है की अब तक जितना भी काम हुआ है उसमे बेहतर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। शहर में सभी जगह बने पिलर को मजबूती देने के लिए पाइल कैप को सड़क के नीचे बनाये गए है लेकिन तालाब से आस पास बनाये गए पाइल कैप को ज़मीन से ऊपर रखा गया है यह न सिर्फ पिल्लर को अधिक मजबूती देगा बल्कि तालाब के लिए सुरक्षा दीवाल का भी काम करेगा।


    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145