Published On : Thu, Sep 12th, 2019

अन्नामृत फाउंडेशन के सेंट्रलाइज्ड किचन का निर्माण कार्य पूर्ण।

अन्नामृत फाउंडेशन (इस्कॉन फ़ूड रिलीफ फाउंडेशन), रामानुज नगर, कलमना मार्केट-भरतवाड़ा रोड़ पर सेंट्रलाइज्ड किचन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। अब इसमें अत्याधुनिक रसोई उपकरणों को लगाना शुरू है। इस रसोई की क्षमता 75,000 बच्चों के लिये प्रतिदिन भोजन बनाने की रहेगी।

अगले माह से 11000 बच्चों को मध्यान्ह भोजन वितरण किया जायेगा। भोजन का वितरण करने के लिये इंसुलेटेड कंटेनर्स का उपयोग किया जायेगा जिसमे कई घंटों खाना गरम रहेगा और बच्चों तक बिल्कुल गरम खाना पहुंचेगा। नागपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं भूतपुर्व राज्यसभा सदस्य श्री अजय संचेती ने एस.एम.एस. ग्रुप की और से 1000 इंसुलेटेड कंटेनर्स खरीदने के लिये एक चेक अन्नामृत फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. श्यामसुन्दर शर्मा एवं सचिव राजेंद्रन रामन को सुपुर्द किया। अन्नामृत फाउंडेशन की और से उनको एवं सभी सहयोग कर्ताओं को धन्यवाद दिया।

सेंट्रलाइज्ड किचन के निर्माण कार्य का सम्पूर्ण खर्च एवं उससे भी अधिक राशि का योगदान एक ही व्यक्ति ने किया लेकिन उन्होंने अपना नाम प्रकाशित करने से मना कर दिया। अन्नामृत फाउंडेशन के बहुत ज्यादा आग्रह पर उन्होंने इस किचन का नाम अपने पिताजी के नाम से रखने की इजाजत दी। इस्कॉन के संस्थापकाचार्य ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद के प्रिय शिष्य, महाराष्ट्र एवं नोएडा के जोनल सेक्रेटरी एवं अंतर्राष्ट्रीय पदयात्रा प्रमुख श्रील लोकनाथ स्वामी महाराज ने वास्तु पूजन एवं हवन के साथ इस किचन नामकरण “श्री गोविन्ददास सर्राफ (तुमसर) सेंट्रलाइज्ड किचन” किया।

अन्नामृत फाउंडेशन के अध्य्क्ष डॉ. श्यामसुन्दर शर्मा ने बताया कि दो करोड़ चालीस लाख की लागत से बनने वाले इस सेंट्रलाइज्ड किचन के लिये सहयोग करने वालों में प्रमुख रूप से सोलार इंडस्ट्रीज की सत्यनारायण नोवाल, एस.एम.एस. ग्रुप के अजय संचेती एवं आनंद संचेती, रामचंद्र सारड़ा, रमेश रांधड़, गीमाटेक्स, हिंगणघाट के बसंत मोहता, पी. वी. टेक्सटाइल्स हिंगणघाट के अरुण मोहता, सुरेश अग्रवाल, मोहन अग्रवाल, सुरुचि मसाले के सुभाष जैन, संदीप मेटल फैब के श्याम अग्रवाल, अस्का इक्विपमेंट्स दिल्ली के श्री गर्ग, महेश भारुका (कामठी), एड. रमाशंकर अग्रवाल, एड. श्याम देवानी, एड. आनंद परचुरे, नृसिंह दास मंत्री, डॉ. मधुसुदन सारड़ा, एड. आशीष मेहाड़िया आदि कई दान दाताओं ने इस कार्य मे सहयोग किया।