Published On : Sat, Sep 22nd, 2018

रविवार बाज़ार स्थानांतरित करने की रची जा रही साज़िश

नागपुर/खापड़खेड़ा : सावनेर तहसील अंतर्गत बड़े सब्ज़ी बाज़ार में से एक खापड़खेड़ा में लगने वाला रविवार बाज़ार सर्वत्र चर्चित है. एक दुर्घटना की आड़ लेकर उसे स्थानांतरित करने के लिए ग्राम पंचायत – स्थानीय पुलिस महकमा सहित कुछ विशेष नागरिक सक्रिय हैं. इसके अलावा दूसरा बड़ा कारण यह भी है कि प्रस्तावित बाजार के आसपास बस्ती को आबाद करने के लिए कुछ भूमालिक वर्ग सक्रीय हैं. कल पुनः बाजार विरोधी दस्ता पुलिस के कांधों का सहारा लेकर बाजार लगाने वालों को परेशान करने पहुँचने की संभावना है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त रविवार बाज़ार वर्षों से खापड़खेड़ा के मुख्य बाजार से गुजरने वाले प्रमुख मार्ग पर लगाता है. यह मार्ग दहेगांव रंगारी और कोराडी मंदिर के पीछे वाले मार्ग को जोड़ते हुए खापड़खेड़ा बाज़ार से होकर महानिर्मिती कॉलोनी, भानेगांव, बीना से गुजरते हुए कामठी कंटोनमेंट की ओर जाता है. इसी मार्ग से पारशिवनी जाने का आसान मार्ग जुड़ा है. इस मार्ग पर महनिर्मिती प्रकल्प के अलावा वेकोली की खदानें और रेत घाट तक जाने का मार्ग जुड़ा है.


इस मार्ग से रोज तकरीबन एक लाख नागरिकों सहित ३०० से अधिक ओवरलोड वाहनों का काफिला रेत, कोयला व अन्य सामग्री के लिए आवाजाही करता है. खापड़खेड़ा बाज़ार कई दर्जन आसपास के गांव, प्रकल्प के रहवासी कॉलोनी, आसपास की आबादी का महत्वपूर्ण बाज़ार है. इसलिए यहां का रविवार बाज़ार काफी चर्चित है. क्यूंकि मात्र ५ घंटे के लिए इस बाज़ार में सब्जी के साथ अनाज सह अन्य सभी जरूरी सामग्री मिल जाती है। इस रविवार बाज़ार में छोटे बड़े ५०० स्थाई – अस्थाई दुकानें लगती हैं. अर्थात इस बाज़ार के सहारे ५०० परिवारों का आजीवन चल रहा है.

विगत माह बाज़ार के दिन एक गाड़ी के पिछले चक्के के नीचे आने से एक की मृत्यु हो गई थी. जिसकी आड़ लेकर कुछ विशेष तबके के नागरिक सह ग्राम पंचायत के प्रमुख पदाधिकारी इस बाज़ार को हटाने की मुहिम छेड़ दी. जिसे स्थानीय पुलिस इसलिए तवज्जों से रही क्यूंकि बाज़ार हटने से उनका कोई नुकसान नहीं होगा,बल्कि उनकी सह पर इस मार्ग से परिवहन कर रही ओवरलोड वाहनों का मार्ग प्रशस्त होगा. क्यूंकि इससे थाने का आर्थिक मामला जुड़ा है. थाना के संबंधितों को सिर्फ ओवरलोड वाहन के संचालकों से बड़ी राशि भेंट दी जाती है. पुलिस प्रशासन सिर्फ बाज़ार के दिनों में बाज़ार खत्म होने तक ‘ नो एंट्री ‘ शुरू कर दे तो सारी की सारी समस्याएं हल हो जाएंगी. सिर्फ पुलिस प्रशासन अपने फायदे के लिए जनता और बाज़ार का नुकसान कुछ सफेदपोश के संरक्षण पर बाज़ार उठाने के लिए आतुर नजर आ रही है.

बस्ती का महत्व बढ़ाने के लिए चल रहा प्रयास
जानकारी मिली है कि खापड़खेड़ा स्टेशन के पीछे यह बाज़ार महनिर्मिती की जगह पर ले जाने हेतु पुलिस की मदद से कुछ खास सफेदपोश भिड़े हैं. महनिर्मिती प्रबंधन ने यह जगह अभी तक ग्राम पंचायत को नहीं सौंपी है. प्रस्तावित जगह लगने वाले बाजार के लिए छोटा है. दरअसल इस बाजार के इर्द-गिर्द खाली पड़े जमीन मालिकों की शह पर एक साजिश के तहत रविवार को लगने वाले बाजार को हटाने के लिए ग्राम पंचायत पदाधिकारी सह पुलिस प्रशासन सक्रिय है. जिसे खापड़खेड़ा के विशेष तबके का शह मिला है.

बाजार के समर्थक बाजार को बचाने और इस बाजार के भरोसे जीवन यापन करने वालों के लिए जिला प्रशासन से गंभीर दखल देने की मांग कर रहे हैं और पुलिस अधीक्षक के साथ जिलाधिकारी से गुजारिश की हैं कि बाजार के दिनों में भारी वाहनों की ‘नो एंट्री’ शुरू करे. साथ ही खापड़खेड़ा पुलिस पर नकेल कसते हुए इस मार्ग से गुजरने वाले सभी ओवरलोड वाहनों पर समय रहते कार्रवाई हो अन्यथा स्थानीय नागरिक प्रशासन के खिलाफ न्यायालय की शरण में जाने पर मजबूर हो जायेंगे. जिससे होने वाली सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक कार्यालय प्रशासन की होगी.