Published On : Fri, Jan 27th, 2017

क्या मनपा चुनाव के लिए कांग्रेस बनाएंगी महागठबंधन

  • एनसीपी आघाडी, सपा, लोकमंच, रिपा कवाड़े हो सकते है गठबंधन में
  • युवक कांग्रेस ने भी मांगी २०% की हिस्सेदारी


नागपुर:
मनपा चुनाव का बिगुल बज चुका है। आज से नामांकन का दौर भी शुरू हो गया। महीनों पहले उम्मीदवारों की घोषणा करने का दावा करने वाली कांग्रेस आज काफी पशोपेश में है।

पार्टी एक ओर नई पीढ़ी बनाम पुरानी पीढ़ी के झगड़े से जूझ रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस गठबंधन बनाकर बन चुनावी जंग में कूदने की सकारात्मक कर रही है। इसमें एनसीपी-मुस्लिम लीग आघाड़ी, समाजवादी पार्टी व लोकमंच का समावेश है। एनसीपी आघाड़ी दो दर्जन से अधिक सीट, समाजवादी पार्टी ८ और लोकमंच ९ सीटों की मांग कर रही है। एनसीपी आघाड़ी के कार्यकर्ता किसी से गठबंधन के पक्ष में नहीं है। अगर कांग्रेस ने उनको संतोषजनक सीटे नहीं दी तो गठबंधन नहीं ही होगा।

समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हेतु हुए गठबंधन के मद्देनज़र नागपुर मनपा चुनाव में ८ सीटों का दावा किया है।

लोकमंच मनपा में कांग्रेस की पुरानी सहयोगी पार्टी है। लोकमंच ९ सीटो की मांग की है, कांग्रेस ६ सीट देने को राजी हो गई है, लेकिन अभी तक दोनों किसी समझौते पर नहीं पहुँच पाए हैं। लगता है लोकमंच को कांग्रेस का प्रस्ताव मंजूर नहीं है।

रिपब्लिकन पार्टी (कवाडे) ने विगत सप्ताह पहले ७५ सीट पर चुनाव लड़ने की घोषणा की फिर भाजपा के आश्वासन बाद हाथ खड़े कर लिए। अब कांग्रेस प्राध्यापक जोगेंद्र कवाडे पर दबाव बना रही है कि कांग्रेस कोटे से मनोनीत विधायक बने, ऐसे में कांग्रेस का साथ देने की बजाय उनकी विरोधी पार्टी का साथ देना उचित नहीं। अगर कवाडे गट कांग्रेस के साथ आया तो २-५ सीट उन्हें भी देनी ही पड़ेगी। इस महागठबंधन में बस कमी रह गई है टीएमसी, जदयू, राजद की।

उल्लेखनीय यह है कि मनपा चुनाव हेतु शहर युवा कांग्रेस ने 22 टिकट मांगी है। 38 प्रभाग के लिए 1100 से अधिक ने दावेदारी की है। कांग्रेस मेरिट आधार पर टिकट बाँटने का दावा कर रही है। इच्छुकों में 150 युवक कांग्रेसी दावेदारी कर रहे हैं। युवाओं के साथ अन्याय हो इसलिए प्रदेशाध्यक्ष से गुहार लगाई गयी है। कदम ने युकां पदाधिकारियों की बैठक तत्काल बुलाई है। सक्षम उम्मीदवारों की सूची भी मंगवाई है। न्याय न दिया गया तो प्रदेशाध्यक्ष इस्तीफा दे सकते है। कदम के निर्देश पर 22 की सूची तैयार कर भेज दी गयी है।

इसके अलावा किशोर डोरले, मनोज सांगोले जैसे नेता कांग्रेस में आए ही इसलिए हैं कि उन्हें भी अपने प्रभाग में मनमाफिक उम्मीदवार चाहिए। पूर्व नागपुर के एक नेता अनिल पांडे को तो एक नहीं ४-४ टिकट चाहिए। ऐसे में कांग्रेस के लिए सभी को संतुष्ट कर चुनावी जंग में कूदना और जंग जीतना लोहे के चने चबाने जैसा ही होगा।