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    Published On : Sat, Jan 4th, 2020

    सदर फ्लायओवर : भड़के कांग्रेसी, उखाड़ फेंके बैरिकेट

    नागपुर: सदर फ्लायओवर को शुरू करने के लिए चल रहे टाइमपास पर आज सिटी के कांग्रेसी कार्यकर्ता बुरी तरह भड़क गये. प्रमोद ठाकूर और अभिषेक सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रास्ता रोकने वाले बैरिकेट उखाड़ फेंके. कांग्रेसियों के हंगामा के बाद मौके पर पहुंची सदर पुलिस ने आधार दर्जन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया.

    एम्बुलेंस के लिए खोला रास्ता
    सदर फ्लायओवर पर हाईवे के अधिकारी और निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार की मनमानी इन दिनों चरम पर है. पहले तो दोनों को 2 जनवरी की डेडलाइन दी गई थी और उस हिसाब से यह तैयार भी हो रहा था, लेकिन बाद में अकारण ही यह डेडलाइन बढ़ती जा रही है. दोपहर 1.45 बजे के करीब जब कांग्रेस के कार्यकर्ता काटोल रोड से सदर की ओर जा रहे थे, तब ट्राफिक जाम में एक एम्बुलेंस फंसी नजर आई.

    ठाकूर और सिंह ने तुरंत ही बैरिकेट को हटाया और एम्बुलेंस को फ्लायओवर से जाने का रास्ता दिया. इतने देर में कुछ और लोग भी उस मार्ग से जाने लगे. कार्यकर्ताओं को लोगों ने आग्रह किया कि जब जनता के पैसे से बना फ्लायओवर, जनता के लिए बनकर तैयार हो गया है तो जनता के लिए खोलने में क्या बुराई है. लोगों के साथ मिलकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने फ्लायओवर के तीनों छोर पर लगे बैरिकेट निकालकर रोड के किनारे रख दिये. काटोल रोड, रिजर्व बैंक चौक वाला मुहाना और उधर मानकापुर क्रीड़ा संकूल के पास वाली लैडिंग के बैरिकेड हटा दिये गये.

    खुश हुई जनता, कार्यकर्ताओं को सराहा
    जैसे ही बैरिकेट हटे भारी संख्या में वाहन उस पर से गुजरने लगे. छिंदवाड़ा जाने वाली एसटी की बसें हो या गिट्टीखदान-गोरेवाड़ा जाने वाली गाड़ियां सभी उस रास्ते पर फर्राटा मारकर दौड़ने लगी. कई वाहन चालकों ने कार्यकर्ताओं की सराहना भी की. प्रमोद सिंह ठाकूर, अभिषेक सिंह, युगल विदावत, चंदन पांडे, पंकज तिवारी, वंश राव, अंकित धोटे, वेदांत बढ़िये, विनय सिंह, हर्षल नामपल्लीवार से कई लोगों ने हाथ भी मिलाया. इन कार्यकर्ताओं ने कुछ देर वहीं रुक कर ट्राफिक भी सुचारू संचालन किया.

    पुलिस को दी गई सूचना…ठेकेदार की दादागिरी
    इधर फ्लायओवर खुलने की जानकारी किसी ने पुलिस को दी और सदर के इंस्पेक्टर महेश बंसोड़े दल-बल के साथ वहां पहुंच गये. इतने देर में फ्लायओवर का निर्माण करने वाला ठेकेदार कम्पनी का भी एक अधिकारी वहां आ गया. जनता की सुरक्षा का हवाला देकर वह कार्यकर्ताओं से बहस करने लगा. मामला बिगड़ते देख पुलिस ने आधा दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और देर शाम को रिहा कर दिया गया. पुलिस के सामने ही ठेकेदार दादागिरी करने से बाज नहीं आया. 2 जनवरी की डेडलाइन हायवे डिपार्टमेन्ट के अफसरों ने दी थी. 2 जनवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों उद्घाटन की घोषणा महापौर संदीप जोशी ने की थी. उसके बाद यह तारीख 5 जनवरी हुई और अब जाकर 9 जनवरी हो गई है. ठेकेदार का कहना है कि उसे कहा गया कि 8 जनवरी तक काम पूरा करे. ठाकूर और सिंह ने कहा कि यदि बीजेपी के नेताओं को इसे शुरू करने का समय नहीं मिलेगा तो क्या वर्षों तक नहीं खुलेगी. इस पर ठेकेदार ने कहा कि यदि ट्रायल शुरू भी किया जाए और कोई दुर्घटना हो जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा. इस बात पर कार्यकर्ता भड़क गये.

    फिर बंद हुआ रास्ता, बीजेपी के खिलाफ भड़क रहा गुस्सा
    दोपहर करीब 2 घंटे से ज्यादा समय तक शुरू रहने वाला रास्ता बाद में फिर बंद कर दिया गया. इस दौरान वहां से गुजरने वाले कई लोगों ने बीजेपी के खिलाफ गुस्सा उतारा. लोगों का कहना है कि औपचारिक उद्घाटन जब करना है तब हो सकता है, लेकिन तैयार पुलिया को सिर्फ नेताओं के पास समय नहीं है इसलिए बंद किया जाए, यह किसी को हजम नहीं हो रहा है. केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी एक तरफ एक से बढ़कर एक रास्ते और फ्लायओवर बनाते जा रहे हैं, वहीं हायवे के अफसर सिर्फ ठेकेदार की जेब भरने के लिए उसमें जानबूझकर लेटलतीफी कर अपना उल्लू सीधा करने में जुटे हुए है.

    जनता के लिए बार-बार खोलेंगे
    शुक्रवार को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने संकल्प किया कि जितनी बार ठेकेदार इस रास्ते को बंद करेगा, उतनी बार इसको पब्लिक ट्रायल के लिए खोला जाएगा. जरूरत पड़ी तो हायवे के अधिकारियों को भी सबक सिखाया जाएगा. ठाकूर और सिंह ने कहा कि ठेकेदार जानबूझकर रोड डायवर्शन का काम जो कुछ घंटों का है, उसके लिए 3-4 दिन का समय लगा रहा है.


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