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    Published On : Mon, Apr 2nd, 2018
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    कांग्रेस मुक्त भारत’ राजनीतिक नारा है, यह RSS की भाषा नहीं: मोहन भागवत

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के समावेशी चरित्र पर बल देते हुए उसके प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत जैसे नारे राजनीतिक मुहावरे हैं न कि संघ की भाषा का हिस्सा। आरएसएस को अपना वैचारिक मातृ संगठन मानने वाली बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने अक्सर कांग्रेस मुक्त भारत की बात की है।

    मुक्त शब्द राजनीति में इस्तेमाल किया जाता है’

    पीटीआई के मुताबिक, भागवत ने पुणे में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कहा, ‘‘ये राजनीतिक नारे हैं. यह आरएसएस की भाषा नहीं है। मुक्त शब्द राजनीति में इस्तेमाल किया जाता है। हम किसी को छांटने की भाषा का कभी इस्तेमाल नहीं करते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सभी लोगों को शामिल करना है, उन लोगों को भी जो हमारा विरोध करते हैं।’’

    फरवरी में संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह महात्मा गांधी के कांग्रेस मुक्त भारत के सपने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और उन्होंने देश की इस सबसे पुरानी पार्टी पर सत्ता में रहने के दौरान देश की विकास की कीमत पर गांधी परिवार का महिमामंडन करने का आरोप लगाया था।

    ‘नकारात्मक दृष्टि वाले बस संघर्षों और विभाजन की ही सोचते हैं’

    आरएसएस प्रमुख ने बदलाव लाने के लिए सकारात्मक पहल की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नकारात्मक दृष्टि वाले बस संघर्षों और विभाजन की ही सोचते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा व्यक्ति राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में बिल्कुल ही उपयोगी नहीं है।’’

    उन्होंने कहा कि हिंदुत्व को देखने का एक तरीका अपने आप, अपने परिवार एवं अपने देश पर विश्वास करना है। भागवत ने कहा, ‘‘ यदि कोई अपने आप पर, परिवार पर और देश पर विश्वास करता है तो वह समावेशी राष्ट्रनिर्माण की दिशा में काम कर सकता है।’’

    भागवत 1983 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी ध्यानेश्वर मुले की छह पुस्तकें लांच करने के लिए यहां आए थे। मुले विदेश मंत्रालय में फिलहाल सचिव ( कांसुलर, पासपोर्ट, वीजा और ओवरसीज इंडियन अफेयर्स) हैं।

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