Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Tue, Aug 8th, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    गुजरात राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस की शिकायत पर चुनाव आयोग में बैठक, नहीं शुरू हुई वोटों की गिनती

    Gujarat-Counting
    नई दिल्ली: गुजरात राज्य के 3 राज्यसभा सीटों पर वोटिंग के बाद काउंटिंग शुरू हो गई है। इस चुनाव में कांग्रेस के बड़े नेता और कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल की साख दांव पर लगी है। अहमद को हराने के लिए बीजेपी ने भी पूरा जोर लगाया हुआ है। इन राज्यसभा सीटों के लिए 6.30 बजे नतीजे घोषित किए जाएंगे।

    कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला और आरपीएन सिंह ने चुनाव आयोग से मांग की कि 2 कांग्रेस विधायकों के वोट रद्द कर दिए जाएं क्योंकि उन्होंने अपना वोट दिखा कर दिया था। वहीं सारी रिपोर्ट्स चुनाव आयोग को भेजी गई। चुनाव आयोग के जवाब के बाद वोटों की गिनती शुरू होगी। बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग में उच्च अधिकारियों की बैठक हो रही है।

    जेडीयू के एक विधायक छोटू भाई ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा है कि उन्होंने कांग्रेस को ही वोट दिया है। हालांकि जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश जी ने हमारे गुजरात के MLA छोटू भाई को BJP को वोट करने के लिए कहा और उन्होंने बीजेपी को ही वोट किया है।

    वहीं बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में जश्न मनाया जा रहा है। बीजेपी कार्यकर्ता पार्टी ऑफिस में काउंटिंग से पहले ही जश्न मना रहे हैं।

    गुजरात में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के दो विधायकों का वोट बीजेपी के प्रत्याशी के पक्ष में गया है। कांग्रेस ने इन दोनों वोटों को रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि दोनों कांग्रेसी विधायकों ने वोटों की गिनती से पहले ही बता कि उन्होंने अमित शाह को वोट दिया है। ऐसे वोट रद्द किए जाने चाहिए। इस बात की वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। शक्तिसिंह ने कहा कि दोनों विधायकों के वीडियो के साथ अगर छेड़छाड़ हुई है, तो हम सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने इसे आपराधिक कृत्य करार दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वोटर अपने वोट को अगर पार्टी के एजेंट के अलावा किसी और को बताता है, तो वो रद्द हो जाता है।

    इससे पहले, राज्यसभा चुनाव के लिए बेंगलुरू से गुजरात लौटे कांग्रेस के सभी विधायकों ने वोटिंग की। बताया जा रहा है कि कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि साणंद के एक कांग्रेसी विधायक करमसी पटेल ने बीेजपी के पक्ष में वोट डाल दिया है। हालांकि, जेडीयू के विधायक छोटू वसावा ने कांग्रेस के समर्थन में वोट दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके अहमद पटेल से अच्छे रिश्ते हैं। इससे पहले कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने बयान दिया था कि जिन-जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है उन सभी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गहलोत ने ये भी जाहिर किया कि जेडीयू और एनसीपी के एक-एक विधायकों ने उन्हें वोट दिया है।

    वहीं एनसीपी के दो हिस्सों में बंट जाने के बाद पार्टी की ओर वोट देने वाले विधायकों ने खुले तौर कहा कि उन्होंने किसे वोट दिया। विधायक कांधल जडेजा ने मीडिया से कहा कि उन्होंने पहले ही अपनी स्थिति जाहिर कर दी थी, कि वे कांग्रेस को वोट नहीं देंगे।

    इस बीच वोटिंग के बाद कांग्रेस छोड़ चुके शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि उन्होंने अहमद पटेल को वोट नहीं दिया। बता दें कि गुजरात में करीब दो दशक बाद हो रहे चुनाव के लिए बीजेपी की ओर से उम्मीदवार बने अमित शाह और स्मृति ईरानी गुजरात विधानसभा पहुंचे।

    कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार बने अहमद पटेल अपनी जीत के लिए हर कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी ये राह आसान नहीं लग रही है। दरअसल, यहां से बड़े दलों के अधिकृत प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो जाते थे लेकिन इस बार भाजपा ने पांचवें कार्यकाल के लिए किस्मत आजमा रहे पटेल के सामने अपने उम्मीदवार को उतार दिया है। सत्तारूढ़ भाजपा ने यहां तीन राज्यसभा सीटों के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बलवंत सिंह राजपूत को उतारा है। राजपूत हाल तक सदन में कांग्रेस के मुख्य सचेतक थे।

    शाह और ईरानी का उच्च सदन में पहुंचना तय माना जा रहा है लेकिन राजपूत को जिताने और पटेल को हराने के लिए भाजपा को अतिरिक्त वोट हासिल करने होंगे। पटेल ने आज बेंगलूरू प्रवास से लौटे कांग्रेस विधायकों से मुलाकात की। उन्होंने अपनी जीत का भरोसा जताया।

    उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यह चुनाव किसी की प्रतिष्ठा से नहीं जुड़ा। मुझे अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है। कांग्रेस के इन 44 विधायकों के अलावा राकांपा के दो और जदयू के एक विधायक मेरे लिए वोट देंगे। इन विधायकों को अब आणंद जिले के एक रिसार्ट में रखा गया है। पटेल ने दावा किया कि राकांपा के दो विधायक उन्हें वोट देंगे, लेकिन शरद पवार की पार्टी के एक विधायक ने दावा किया कि दोनों विधायकों को भाजपा के प्रत्याशी बलवंतसिंह राजपूत का समर्थन करने का निर्देश दिया गया है।

    इस मुद्दे पर राकांपा बंटी हुई दिखी। पवार की बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टी कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देगी। राकांपा विधायक कंधाल जडेजा ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा कि वह और एक और पार्टी विधायक जयंत पटेल से राजपूत के समर्थन में वोट देने को कहा गया है।

    हालांकि, जब सुप्रिया सूले से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने टेक्स्ट मैसेज के जवाब में कहा, ‘‘मुझे जो जानकारी है वे कांग्रेस को वोट देंगे।’’ करीब डेढ़ दशक से अधिक समय से राज्य की सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस हाल ही में पार्टी के दिग्गज नेता शंकर सिंह वाघेला के पार्टी छोड़ने से स्तब्ध रह गयी थी।

    इसके बाद राजपूत समेत छह विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा देकर कांग्रेस को और झटका दे दिया। इनमें से तीन विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गये। राजपूत, वाघेला के रिश्तेदार हैं। गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्यसभा की चुनावी जंग ने सियासी सरगर्मियां काफी बढ़ा दी हैं।

    अहमद पटेल को जीतने के लिए 45 मत चाहिए। उनकी पार्टी के पास वर्तमान में 44 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इनमें से कोई भी अगर क्रॉस वोटिंग नहीं करता है या ‘उपयुक्त में से कोई नहीं’ (नोटा) विकल्प का प्रयोग नहीं करता है, उस स्थिति में भी कांग्रेस को पटेल की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक अतिरिक्त मत की जरूरत होगी।


    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145