Published On : Mon, Mar 6th, 2017

अक्षम चेहरों पर दांव और गलत टिकट वितरण से हुई कांग्रेस की हार : प्रफुल्ल गुडधे पाटिल

  • मनपा में नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाए जाने की नाराजी जाहिर की पाटिल ने
  • कांग्रेस की गुटबाजी और अंतर्कलह को किया उजागर
  • कांग्रेस के भितरघातियों की ओर भी किया इशारा


नागपुर :
नागपुर महानगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाए जाने की नाराजी कांग्रेस के वरिष्ठ नगरसेवक प्रफुल्ल गुडधे पाटिल ने आज सार्वजानिक कर दी. एक संवाददाता सम्मलेन बुलाकर उन्होंने कांग्रेस की मनपा चुनाव 2017 में हार, पार्टी में व्याप्त अंतर्कलह, अपनी स्थिति और पार्टी के भितरघातियों पर खुलकर आघात किया. प्रफुल्ल गुडधे पाटिल के संवाददाता सम्मलेन की दस मुख्य बातें;

  1. प्रफुल्ल गुडधे पाटिल ने कहा कि 2017 महानगर पालिका चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में नागपुर के मतदाताओं में लहर थी, इसी वजह से भारतीय जनता पार्टी के गढ़ ‘महल’ से कांग्रेस उम्मीदवार बंटी शेलके शानदार तरीके से विजयी हुए.
  2. लेकिन पार्टी में शीर्ष स्तर पर कई भितरघाती सक्रिय हैं इसलिए उन्होंने जानबूझकर ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया जिन्हें भाजपा आसानी से हरा सके. पार्टी ने जानबूझकर ऐसे चेहरों को नजरंदाज किया जो चुनाव जीता सकते थे. ऐसे उम्मीदवारों पर ही दांव लगाया, जिन्हें मतदाता पसंद नहीं करते थे.
  3. गलत नियोजन को जानबूझकर लागू करने वाले कांग्रेस के नेता दरअसल सिर्फ पार्टी की ही नैया नहीं डुबो रहे, बल्कि समर्पित नेतृत्व और कार्यकर्ताओं को भी पार्टी से दूर करने की साजिश कर रहे हैं.
  4. मनपा चुनाव में पार्टी हार के लिए जिम्मेदार नेताओं को अब चुपचाप घर बैठ जाना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस के शहराध्यक्ष के इस्तीफे का भी मखौल उड़ाते हुए कहा कि न तो उनका इस्तीफा एक्सेप्ट हुआ और न ही रिजेक्ट.
  5. श्री पाटिल ने कहा कि उन्हें न मनपा में किसी पद की दरकार है और न ही संगठन में. मतदाताओं ने उन्हें चुनकर भेजा है और वह मनपा में और मनपा के बाहर सड़क पर आम शहरी की समस्याओं को मुखर करते रहेंगे.
  6. प्रफुल्ल गुडधे पाटिल ने कहा कि वे किसी भी गुट में नहीं है और सिर्फ कांग्रेसी हैं. उन्होंने स्वर्गीय डॉ. श्रीकांत जिचकार को अपना राजनीतिक गुरु कहा.
  7. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को नुकसान पहुँचाने वालों ने ‘डमी’ नेता प्रतिपक्ष बनाकर यूँ ही भाजपा को मनपा में वाक ओवर दे दिया है.
  8. प्रफुल्ल गुडधे पाटिल ने कहा कि कांग्रेस के सभी 28 नगरसेवकों ने उनको ही नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की अपनी राय से पर्यवेक्षकों को अवगत कराया था, लेकिन जानबूझकर पार्टी के नगरसेवकों की राय को तरजीह नहीं दी गयी.
  9. उन्होंने आशंका जताई कि यदि भितरघाती समूह से पार्टी ने जल्दी ही तौबा नहीं किया तो ये मनपा में कांग्रेस के नगरसेवकों को जनहित की बात नहीं करने देंगे और इससे मनपा में फिर कांग्रेस कमजोर होती चली जाएगी.
  10. नवनिर्वाचित महापौर नंदा जिचकार को भी प्रफुल्ल गुडधे पाटिल ने आड़े हाथों लिया और उनके पारदर्शी सत्ता के दावे को खोखला और जनता को भ्रमित करने वाला बताया. उन्होंने मुंबई मनपा की तर्ज पर नागपुर मनपा में भी उप-लोकायुक्त नियुक्ति की भी पुरजोर मांग की.