Published On : Mon, Feb 4th, 2019

कांग्रेस नगरसेवकों से भिड़े बीजेपी विधायक, बात एक दूसरे के इस्तीफ़े तक पहुँची

नागपुर: जनप्रतिनिधि का काम जनता के समस्याओं को सुलझाना होता है लेकिन कई ऐसे मौके आते है जब उचित सम्मान न मिल पाने की वजह से दो अलग-अलग राजनीतिक दलों से ताल्लुख रखने वाले नेता आपस में ही भिड़ जाते है। नागपुर में बीजेपी और कांग्रेस के बीच केवल लड़ाई राजनीतिक ही नहीं बल्कि सम्मान देने और लेने की भी है। सोमवार को फिर एक बार ऐसा ही मौका आया जब कांग्रेस के नगरसेवकों ने मनपा में सत्ताधारी दल बीजेपी पर राजनीतिक तुष्टिकरण का आरोप लगाया। चुनाव पूर्व जनता की समस्या को सुलझाने के लिए पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले जनता दरबार ले रहे है। सोमवार को धरमपेठ जोन कार्यालय में इसका आयोजन था। इस कार्यक्रम में जनता की समस्या जितनी सुलझी न सुलझी हो लेकिन इसमें बीजेपी के विधायक सुधाकर देशमुख और कांग्रेस के तीन नगरसेवकों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। बात एक दूसरे को झूठा साबित करने पर इस्तीफ़े तक पहुँच गई।

दरसअल जनता दरबार में महिला नगरसेविका दर्शनी धवड़ के साथ कमलेश चौधरी और हरीश ग्वालबंशी ने पालकमंत्री के जनता दरबार को बीजेपी का कार्यक्रम बनाये जाने का आरोप लगाया। साथ ही बीजेपी द्वारा कांग्रेस के नगरसेवकों के प्रति असम्मानजनक रवैया अपनाये जाने की बात भी कहीं। कांग्रेस के इन नगरसेवकों के मुताबिक जनता दरबार सरकार का कार्यक्रम है बावजूद इसके बीजेपी इसे पार्टी का कार्यक्रम बताकर प्रचारित करते है। जनता दरबार के लिए जो इश्तेहार निकालें जाते है या पोस्टर लगाया जाता है उसमे पार्टी का सिम्बॉल इस्तेमाल होता है। इन पोस्टर में कांग्रेस के नगरसेवकों के नाम तक का उल्लेख नहीं किया जाता। जनता दरबार में बोलने का मौका मिलने पर इन तीनों नगरसेवकों ने दाभा में हुए सड़क निर्माण कार्य के हुए भूमिपूजन का जिक्र करते हुए कहाँ कि इसकी सूचना विरोधी दल के नगरसेवकों को नहीं दी गई। एक ही काम का तीन बारी भूमिपूजन किया गया और इसकी मार्केटिंग भी की गई। इन आरोपों पर अपनी बात रखते हुए बीजेपी के विधायक सुधाकर देशमुख ने कहाँ की तीन बार नहीं भूमिपूजन का कार्यक्रम दो बार हुआ है। पहले डाम्बर का मार्ग बनाया जाना था जिसमे संसोधन करते हुए प्रशासन ने सीमेंट रोड का प्रस्ताव बनाते हुए योजना तैयार की। इस मुद्दे पर कांग्रेस के नगरसेवकों और देशमुख के बीच जमकर बहस हुई। बहस के दौरान देशमुख ने कहाँ की आप लोग आरोप सिद्ध करे। आप के आरोप सही होते है तो वह इस्तीफ़ा देंगे नहीं होता है तो आप तीनों इस्तीफ़ा देंगे।

नगरसेवकों और बीजेपी अध्यक्ष के बीच टकराव की यह स्थिति पालकमंत्री और महापौर नंदा जिचकार के समक्ष हो रही थी। इस दौरान धरमपेठ जोन के सभी नगरसेवक और अधिकारी उपस्थित थे। पालकमंत्री के जनता दरबार में आपसी टकराव निर्माण हो जाने का यह कोई पहला अवसर नहीं है। इससे पहले लकड़गंज जोन में दो बीजेपी के पदाधिकारी और एनआयटी के अधिकारी के बीच भ्रस्टाचार के संगीन आरोप एक दूसरे पर लगाए गए थे।