आज सोमवार की शाम 6 बजे के बाद जिले के सावनेर विधानसभा क्षेत्र के 6 रेती घाट के ठेकेदारों को मिली अतिरिक्त मुद्दत समाप्त होने जा रही,इसके बाद कल मंगलवार की सुबह से मिलने वाली रेती परिवहन सह उत्खनन अवैध ठहराई जाएंगी।

नागपुर -आज शाम के बाद जिले में पूर्णतः रेती उत्खनन बंद हो जाएगा।आज शाम के बाद किये जाने वाले रेती उत्खनन अवैध होंगे।यह पाबंदी सिर्फ जिला प्रशासन के कागजों तक सीमित रहेंगा।क्योंकि जिला प्रशासन पर सफेदपोश हावी हैं, इन्हीं की आड़ में कल से अवैध रेती उत्खनन जारी रखने की सूचना प्राप्त हुई हैं।इन्हीं सफेदपोशों के वरदहस्त से कोरोना काल मार्च से अगस्त के दौरान अवैध रेती उत्खनन सह ओवरलोड परिवहन किया गया।
नागपुर जिले में पिछले वर्षों से रेती घाटों की निलामी जिला प्रशासन ने बंद कर रखी हैं। बावजूद सम्पूर्ण जिले में जिला प्रशासन की नाक के नीचे अवैध रेती उत्खनन जारी हैं। जबकि सावनेर विधानसभा क्षेत्र के 6 रेती घाट संचालकों को रेती उत्खनन के बाद 500 मीटर के भीतर किये गए स्टॉक क्लियर करने की अनुमति जिला प्रशासन ने दी थी। अनुमति प्राप्त करने वाले उक्त 6 घाट संचालक स्टॉक क्लीयरेंस के बजाय खुलेआम अवैध रेती उत्खनन कर स्टॉक कर रहे थे और दूसरी ओर स्टॉक से मांगकर्ताओं को मनमानी दामों में उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचा रहे थे। उक्त घाट संचालकों को मिली अतिरिक्त समय आज शाम 6 बजे समाप्त होने जा रही। इसलिए आज भी जारी अवैध उत्खनन कर स्टॉक करने के लिए कुछ घाटों पर 2-2 मशीन लगे दिखे। आज के बाद जिसे बेचने के नाम पर रेती भरी ओवरलोड ट्रक जिले में आवाजाही करते दिखेंगी।
नागपुर जिले में छोटे-बड़े 4 दर्जन के आसपास घाट हैं। इनमें से कुछ घाटों पर कई वर्षों से उत्खनन की अधिकृत निविदा प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई। सावनेर क्षेत्र के 6 घाटों को अतिरिक्त मुद्दत स्टॉक क्लिरियेन्स के लिए आज सोमवार 5 अक्टूबर की शाम 6 बजे तक का समय दिया गया था। वैसे जिले के सभी घाटों पर रेती उत्खनन की पाबंदी थी। इसके बावजूद छोटे घाटों से अवैध रेती उत्खनन कर लगभग 100 तो बड़े घाटों से लगभग 200 ट्रक,टिप्पर व एलपी ओवरलोड परिवहन का सिलसिला जारी था। इस दौरान कुछ माह पहले जिले के पालकमंत्री और राज्य के गृहमंत्री ने घाटों का संयुक्त दौरा किया लेकिन बेअसर रहा।
इन्हीं अवैध रेती उत्खनन करने वालों के सूत्रों की माने तो 400 से 700 फुट ओवरलोड परिवहन का सिलसिला जारी हैं जबकि 400 फुट के नीचे अंडरलोड की अनुमति जिला प्रशासन ने दी थी। जिला प्रशासन के बंद रेती घाटों से रोजाना 50 से अधिक गाड़ी रेती का अवैध उत्खनन जारी हैं। इनमें करजघट,नंदापुर,कोछि,रामडोंगरी घाट का समावेश हैं।
जिले में अवैध रेती उत्खनन का माल जिले के अलावा अमरावती जिले में जाती हैं, रोजाना 40 एलपी ओवरलोड जाती हैं। 28 से 30 टन पासिंग एलपी पर 40 से 55 टन रेती और 40 टन पासिंग एलपी पर 70 टन रेती परिवहन किये जाने की सूचना मिली हैं।
उक्त रेती की अवैध परिवहन खासकर कन्हान,खापड़खेड़ा,सावनेर,कोराडी,जरीपटका आदि थानों के निकटते आवाजाही करते देखा जा सकता हैं। एक ही रॉयल्टी पर 2 से 3 ट्रिप मारी जा रही। खासकर केंद्र सरकार के विभागों के निर्माण कार्यों में उक्त अवैध रेती का उपयोग किया जा रहा जो उल्लेखनीय हैं, जिसमें केंद्रीय कर्मियों का समावेश हैं।
न्यायालय,केंद्रीय विभागों के कड़क निर्देशों के बावजूद उक्त अवैध उत्खनन सह परिवहन को पटवारी,रेवेन्यू इंस्पेक्टर, तहसील कार्यालय,आरटीओ,पुलिस स्टेशन,हाईवे ट्रैफिक पुलिस और जिला खनन विभाग का खुलेआम पूर्ण सहयोग कर रहा।
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