Published On : Thu, Jun 10th, 2021

ओवरलोड रेती और कोयला से भरा ट्रैकों में भिड़ंत

ओवरलोड रेती और कोयला से भरा ट्रैकों में भिड़ंत

रेती की ट्रक बिना रॉयल्टी की पिपला घाट से निकली थी,इसके बावजूद जिला खनन अधिकारी-तहसीलदार का मूक प्रदर्शन,कार्रवाई की बजाय ट्रक छोड़ प्रशासन ने अपनी पीठ थपथपाई

नागपुर – कल रात पालोरा घाट के समीप 14 चक्के वाली ओवरलोड रेत और कोयले से भरी ट्रकों के मध्य जोरदार भिड़ंत हो गई। जिसमें से रेत की ट्रक के पास कोई रॉयल्टी नहीं थी।घटना की जानकारी जिला खनन अधिकारी और पारशिवनी के तहसीलदार को दी गई। तहसीलदार ने मामले पर कार्रवाई के नाम पर टाल दिए तो जिला खनन अधिकारी ने कहा कि तहसीलदार को जानकारी दे दी गई हैं, कार्रवाई करने का अधिकार उनका हैं।


नागपुर जिले में पिछले डेढ़ साल से जिला प्रशासन द्वारा रेत नीति का खुलेआम उल्लंघन हो रहा।इसके जिम्मेदार जिले के जिलाधिकारी,जिला खनन अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की हैं। इन्हीं की वजह से रेत उत्खनन,परिवहन,बिक्री में नियमों को ताक पर रख सरकारी राजस्व को चुना लगाया जा रहा।

उल्लेखनीय यह हैं कि उक्त दोनों ट्रक 14-14 चक्कों वाली थी,काफी देर तक जिला खनन अधिकारी और तहसीलदार पर आरोप प्रत्यारोप करते रहे।और अंत में बिना कार्रवाई के रेत की ट्रक छोड़ दिया। बताया जाता हैं कि यह रेत की ट्रक पिपला रेत घाट के विवादास्पद संचालक की है,जिनकी पिछले साल एक तहसीलदार ने रेत सह मशीन जप्त की थी,जिसकी फ़ाइल फिलहाल दबा दिया गया हैं।