Published On : Tue, Mar 30th, 2021

COAL INDIA : REFUND न करना पड़े इसलिए दिया EXTENSION

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– मिक्स कोल् आदि उठाने में हो सकती हैं धांधली

नागपुर : COAL INDIA अंतर्गत विभिन्न कंपनियों के खदानों में कोयला उठाने के लिए TENDER हुए.तय शर्तों के अनुसार समय पर कोयला लोडिंग न होने पर जमा ADVANCE PAYMENT से REFUND करने की शर्त थी.क्यूंकि समय पर कोयला लोडिंग करने में अधिकांश कंपनी के खदान प्रबंधन असफल रहे इसलिए जमा PAYMENT ( बचे कोयला के हिसाब से ) लौटना न पड़े इसलिए COAL INDIA ने 30 APRIL 2021 तक EXTENSION दे दिया।इस दौरान WCL की कोलार पिंपरी जैसे खदान में पुनः भ्रष्टाचार होने की संभावना जताई जा रही.

COAL INDIA ने 27 मार्च 2021 को एक आदेश जारी कर ECL,BCCL , CCL , NCL , WCL ,SECL ,MCL को उनके अंतर्गत खदानों में टेंडर के तहत मिक्स कोल् आदि उठाने मामले को आगामी 30 अप्रैल 2021 तक EXTENSION दिया।क्यूंकि अधिकतर खदानों में तय समय तक विभिन्न खरीददारों को कोयला लोड कर नहीं दिया गया.समय पर तय मात्रा में कोयला लोड कर न देने पर ADVANCE PAYMENT REFUND करने की शर्त थी.जो कि कोल् इंडिया के कंपनियां पूरा करने में असफल रही नतीजा जमा एडवांस भुगतान में से शेष राशि लौटना न पड़े इसलिए अगले एक माह का अतिरिक्त समय दिया गया.

दूसरी ओर एक माह से अधिक का एक्सटेंशन देने से WESTERN COALFIELDS LIMITED की यवतमाल जिले की कोलार पिंपरी खदान में गत दिनों हुई धांधली की अन्य खदानों में पुनरावृत्ति की संभावना जताई जा रही.कोलार पिंपरी खदान में MIX COAL उठाने का टेंडर हुआ था,जिसे प्राप्त करने के लिए कई दर्जन ठेकेदार/ठेकेदार कंपनी/ट्रांसपोर्टरों ने वेकोलि के टेंडर में भाग लिया।सभी ने अपने-अपने हिसाब से कोयला उठाने के लिए प्रति टन ADVANCE पेमेंट भी किए.टेंडर शर्त के अनुसार गर तय समय पर WCL ने कोयला LOADING कर नहीं दिया तो उन्हें शेष टन कोयले के पेमेंट लौटाने होंगे।

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वहीं WCL ने अपने चहेते विवादास्पद कंपनी गंगा ट्रांसपोर्ट को कोयला लोडिंग का काम दिया,इसके बाद हुआ यूँ कि MIX COAL के बजाय स्थानीय प्रबंधन (नीचे से लेकर ऊपर तक ) प्रति टन अतिरिक्त राशि लेकर कोयला छांट-छांट कर खुलेआम देने लगे.इस वजह से रोजाना का लोडिंग TARGET गड़बड़ा गया,इसके लिए स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त समय भी बढ़ा कर दी गई.
इस बीच उक्त धांधली की शिकायत CMD कार्यालय,CVO,CVC और CBI को किया गया.CBI टीम ने WCL CVO को लेकर गत सप्ताह KOLAR PIMPRI MINES में अचानक छापा मारा,यह कार्रवाई लगातार 3 दिन तक चली,इस दौरान CBI के हाथ प्रत्यक्ष सबूत लगे,उन्होंने सम्बंधित कागजात भी अपने कब्जे में ले लिया,हालांकि उनकी रिपोर्ट अबतक सार्वजानिक नहीं हो पाई लेकिन WCL प्रबंधन हिल जरूर गया.

इस चक्कर में उक्त EXTENSION का आदेश के बावजूद कौन-कौन बचा कोयला उठाएगा,यह भी बड़ा सवाल हैं,यह भी संभावना हैं कि दीर्घकालीन EXTENSION PERIOD के दौरान पहले की तरह कोयला लोडिंग में पुनः धांधली भी हो सकती हैं.

उल्लेखनीय यह हैं कि कोलार पिंपरी की तरह कोल् इंडिया के विभिन्न कंपनियों के खदानों में उक्त घटना की पुनरावृत्ति होने की संभावना को नाकारा नहीं जा सकता,इससे कोल् इंडिया को बड़ा आर्थिक नुकसान होंगा। इसलिए COAL INDIA के CHAIRMAN से एमओडीआई फाउंडेशन ने मांग की हैं कि उक्त धांधली के मद्देनज़र भी ठोस नियमावली तैयार कर कोल् इंडिया को होने वाले नुकसान से बचाया जाए.इस मामले के दोषी अधिकारियों पर भी कड़क कार्रवाई की जाए.

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