Published On : Wed, Dec 5th, 2018

अब दूध और दूध से बने पदार्थों में मिलावट करने पर आजीवन कारावास

राज्य सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय से ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी- किशोर तिवारी

नागपुर: राज्य में दूध में मिलावट रोकने के लिए सरकार ने आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर की है. प्राप्त जानकारी के अनुसार सम्बंधित अध्यादेश भी जारी हो चुका है. इस निर्णय को स्व. वसंतराव नाईक शेती स्वावलंबन मिशन के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों के हित के लिए लिया गया अहम् निर्णय करार दिया.

दूध व्यवसाय को किसानों के पर्यायी व्यवसाय के तौर पर देखा जाता है. वहीं दूसरी ओर मिलावटी दूध ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुक़सान में डाल रहे हैं. लेकिन मांग के मुकाबले कम उत्पादन की समस्या को लेकर भी सरकार गंभीर है.

कृत्रिम या मिलावटी दूध निर्माण और व्यवसाय के कारण किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गंभीर परिणाम झेलने पड़े तथा असली व शुद्ध दूध को उचित भाव न मिलने से ग्रामीण और दूध व्यवसायी संकट में आ गए हैं.

इस समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने कृत्रिम दूध निर्माण और व्यवसाय करने वालों के खिलाफ पकडे जाने पर आजीवन कारावास का प्रावधान किया है. इस सम्बन्ध में विधानमंडल में प्रस्ताव पारित किया गया. जिसका राज्य भर के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के दूध व्यवसायियों ने तहे दिल से सरकार और मुख्यमंत्री का स्वागत किया. क्यूंकि इस मामले में कड़ा कानून नहीं था इसलिए कृत्रिम दूध का धंधा बेपरवाह धंधा कर रहे थे, लेकिन अब उम्मीद जताई जा रही है कि इससे मिलावट पर लगाम लगेगी.