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    Published On : Mon, Sep 14th, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    PM-राष्ट्रपति से CJI तक, LAC पर तनाव के बीच 10 हजार भारतीयों की जासूसी के लिए चीन की साजिश

    भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर हालात तनावपूर्ण हैं और स्थिति युद्ध तक की आ गई है. चीन लगातार कई तरह के हथकंडे अपना रहा है. इस बीच चीन के नापाक इरादों का एक और खुलासा हुआ है. चीन कुछ कंपनियों के द्वारा भारत में जासूसी करवा रहा है, इसके तहत प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री तक, मुख्यमंत्री से लेकर सेना के अफसर तक और बड़े अफसरों से लेकर बिजनेसमैन तक हर कोई उसके निशाने पर है. ऐसे वक्त में जब भारत ने कई चीनी कंपनियों पर बैन लगाया और हालात तनावभरे हैं, तब इस तरह का खुलासा चौंकाने वाला है.

    अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि चाइनीज कंपनी शेनज़ेन भारत में करीब दस हजार लोगों की निगरानी करती है. इस कंपनी का चीन की सरकार और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से सीधा संबंध है. इस चीनी कंपनी की करीब दस हजार भारतीयों पर नजर है, जिसमें प्रधानमंत्री से लेकर एक मेयर तक शामिल है.

    झेनझुआ डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड की ओर से जिन भारतीयों पर नज़र रखी जा रही है, उनमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, गांधी परिवार, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे, नवीन पटनायक जैसे बड़े नेता, राजनाथ सिंह-पीयूष गोयल जैसे केंद्रीय मंत्री, CDS बिपिन रावत समेत कई बड़े सेना के अफसर शामिल हैं.

    अंग्रेजी अखबार का दावा है कि चीनी कंपनियां इन सभी हस्तियों की डिजिटल जिंदगी को फॉलो कर रही है, साथ ही ये लोग, इनके परिजन और समर्थक कैसे काम करते हैं इसपर भी नज़र रखी जा रही है. चीनी कंपनी इन सभी लोगों का रियल टाइम डेटा कलेक्ट कर रही है, जो कि चीनी सरकार के साथ साझा किया जाता है. जिनमें बड़े नेताओं, खिलाड़ियों, बिजनेसमैन, पत्रकारों के रिश्तेदारों की भी लिस्ट है, जिनपर नजर रखी जा रही है.

    चीनी सरकार के साथ मिली है कंपनी
    इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया है कि इस पूरी जांच के लिए शेनजान इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी फर्म ने चीनी सरकार और कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मिलकर ओवरसीज़ का इन्फॉर्मेशन डाटा बेस बनाया है, जिसके तहत इस मिशन का पूरा काम होता है.

    कंपनी की ओर से कलेक्ट किए जा रहे इस डाटा को चीनी कंपनियां हाइब्रेड वॉर का नाम देती हैं, जो किसी के बारे में जानकारी जुटाने को मिशन बना देती हैं. एक तरफ जहां चीन LAC पर भारत में घुसपैठ कर युद्ध के लिए उकसाना चाह रहा है, दूसरी ओर इस तरह बड़े नेताओं से लेकर अफसरों तक पर नज़र बनाए हुए है.

    अपनी रिपोर्ट में इंडियन एक्सप्रेस ने खुलासा किया है कि नेताओं के अलावा सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी, गौतम अडानी जैसे बिजनेसमैन, फिल्म डायरेक्टर श्याम बेनेगल, सोनल मानसिंह, राधे मां जैसी हस्तियों पर भी चीन की नजर है.

    मौजूदा से लेकर पूर्व नेताओं तक के नाम
    इस लिस्ट में मौजूदा प्रधानमंत्री के अलावा करीब पांच पूर्व प्रधानमंत्री, 20 से अधिक मुख्यमंत्री, राजनीतिक दलों के प्रमुख, मौजूदा सेना प्रमुख के अलावा करीब एक दर्जन पूर्व प्रमुख, सांसद, अलग-अलग मंत्रालयों में काम करने वाले अधिकारी, यहां तक कि ऐसे लोग जिनका भारत में क्राइम का रिकॉर्ड है शामिल है.

    बता दें कि अभी हाल ही में भारत से एक चीनी नागरिक भी गिरफ्तार हुआ था, जो भारत में रहकर हवाला का काम करने के अलावा कुछ जरूरी जानकारी भी अपने देश में वापस भेजता था. ऐसे में बॉर्डर से लेकर डिजिटल दुनिया तक और जमीनी स्तर पर चीन कई तरह के जाल बिछाने में लगा हुआ है. कुछ वक्त पहले ही भारत सरकार ने डेटा चोरी और सुरक्षा में खतरे को देखते हुए करीब सौ से अधिक चीनी मोबाइल ऐप पर बैन लगा दिया था, जो इस तरह का डेटा कलेक्ट करती थीं.

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