Published On : Sun, Nov 16th, 2014

चंद्रपुर : अब शीघ्र होगा चंद्रपुर का समग्र विकास


शहर विकास की रूपरेखा तत्काल तैयार करने मुनगंटीवार ने दिए अनेक निर्देश

महानगर पालिका के सभागृह में आयोजित समीक्षा बैठक

Mungantiwar
चंद्रपुर।
चंद्रपुर शहर के भविष्य के नियोजन को ध्यान में रखते हुए विकास योजना जल्द-से-जल्द तैयार करें. सड़कें, पेयजन, पार्किंग व्यवस्था, चौकों के सौदर्यीकरण व मल-निस्सारण व्यवस्था योजना के अंतर्गत प्रमुखता से हो. यह निर्देश वित्त, नियोजन व वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने महानगर पालिका के सभागृह में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासन को दिए. अवसर पर महापौर राखी कंचरलावार, नाना श्यामकुळे, जिलाधिकारी डॉ. दीपक म्हैसेकर, मनपा आयुक्त सुधीर शंभरकर, उपमहापौर, वसंत देशमुख व स्थायी समिति के अध्यक्ष रामू तिवारी उपस्थित थे.

उन्होंने आगे निर्देश देते हुए बताया कि महानगरपालिका राज्य व केन्द्र की निधि से वृहद पैमाने पर विकास करें. जिन योजनाओं लिए केन्द्र की निधि प्राप्त होती है, ऐसी योजनाओं पर राज्य की निधि का उपयोग न करें. पंचशताब्दी की निधि नहीं मिलेगी. वहीं शहर विकास की रूपरेखा तैयार करते वक़्त सड़कें, बगीचे, सभागृह, पार्किंग, पेयजल, झोपड़पट्टी विकास, खेल के मैदान, चौकों का सौदर्यीकरण प्रमुख हों. वहीं मनपा शहर विकास का प्रस्ताव सरकार को भेजने के बाद उसे पूरा करने के लिए नोडल अधिकारी को नियुक्त करे.

इरई-झरपट नदी का विकास
वहीं इरई व झरपट नदी के विकास पर बल देते हुए उन्होंने तट संरक्षण दीवार के लिए प्रस्ताव तैयार करने की भी निर्देश दिए. उन्होंने यह भी कहा कि नदी तट पर बसे लोगों  पुनर्वसन  नगरसेवकों को विश्वास में लेकर नागरिकों के विचारों से अवगत हों. जटपुरा गेट के पास तकनीकि दृष्टिकोण से उड़ानपुल बनाना सम्भव नहीं है. शहर का कचरा संग्रहित करने के लिए घंटा गाड़ी से इतर कोई अत्याधुनिक दूरगामी यन्त्र के उपयोग हो, वैसे साधन का प्रयोग करें. मनपा शहर के आवारा स्वानों (कुत्तों) का बंदोबस्त करे. मनपा के नई इमारत स्थित शहर पुलिस थाने को स्थानांतरित कर वहाँ विशाल पार्किंग का निर्माण किया जा सकता है. वहीं शहर के मोक्षधामों को विकसित करने के लिए मनपा प्रयास करे. होर्डिंग्स के लिए रणनीतियाँ तैयार करे. साथ ही मनपा शालाओं को अपडेट करने के भी निर्देश दिए.

इसके पूर्व विधायक नाना श्यामकुले ने बैठक में विभिन्न विकास कार्य की आवश्यकताओं को गिनाते हुए निधि की माँग रखी. वहीं महापौर ने विकास के लिए निधि की अपेक्षा की. वहीं नगरसेवकों ने अपने क्षेत्र की समस्याएं गिनाईं.