Published On : Wed, Apr 1st, 2015

अंततः चंद्रपुर में आज से शराबबंदी

चंद्रपुर : विदर्भ में वर्धा, गढचिरोली के बाद अब चंद्रपुर शराबबंदीवाले जिले में शामिल हो गया है. शराबबंदी के तहत चंद्रपुर जिले में 1 अप्रैल से शराब रखना और पीना अपराध माना जाएगा.

बुधवार से जो व्यक्ति शराब रखेगा और पीएगा उस पर कार्रवाई करने का आदेश जारी किया गया है. लेकिन शराब के शौकीन इससे बेखौफ होकर मंगलवार को दिन भर शराब खरीदते व पीते रहे. अधिकांश बीयर की दुकानों में तो दोपहर में ही बीयर खत्म हो गई. वहीं बहुत से लोग एक से दूसरे दुकान के चक्कर काटते रहे.

जिले में कुल 513 शराब की दुकानें, बीयर बार व वाइनशॉप हैं, जिनके लाइसेंस सरकार ने रद्द किए हैं. इसके साथ ही जिन लोगों ने शराब पीने के निजी लाइसेंस बनाएं है उनके लाइसेंस 31 मार्च की मध्य रात्रि से रद्द हो जाएंगे. शराबबंदी के बाद अवैध शराब बिक्री का प्रमाण बढ.ने की संभावना के मद्देनजर पुलिस व उत्पादन शुल्क विभाग के 40 दल व 14 स्टैटिक सर्वेलंस टीम कार्यरत किए गए हैं. 31 मार्च की रात शराब पूरी तरह से जब्त करने का आदेश उत्पादन शुल्क विभाग को दिया गया है.
बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने मंगलवार को चंद्रपुर जिले के शराब विक्रेताओं को एक और झटका दिया. न्यायमूर्ति भूषण धर्माधिकारी व न्यायमूर्ति सुनील शुक्रे की खंडपीठ ने चंद्रपुर जिले में शराब बंदी के आदेश के खिलाफ दायर मामले में सोमवार को दिए अपने फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.

30 मार्च को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के शराब बंदी के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार करते हुए मामले में दायर पांच रिट याचिकाओं को अंतिम सुनवाई के लिए दायर कर लिया था. आज न्यायालय में गणेश जीवतोडे समेत अन्य 10 लोगों ने अर्जी दी थी. इसमें अनुरोध किया गया कि सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर करने के लिए फैसला चार सप्ताह के लिए स्थगित रखा जाए.

न्यायालय ने मामले के विविध पहलुओं पर गौर करते हुए अर्जीदारों के अनुरोध को मानने से इनकार कर दिया. शराबबंदी के बाद शराब के आदी लोगों को विड्रॉल की स्थिति से गुजरना पड.ता है. इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए गएहैं. इसके लिए आवश्यक दवाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित जिला अस्पताल में उपलब्ध कराई गई हैं. साथ ही शराब के अधीन लोगों की व्यक्तिगत व पारिवारिक समुपदेशन करने की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई है.