Published On : Fri, Mar 27th, 2020

इस्कॉन के अन्नामृत फाउंडेशन का सेंट्रलाइज्ड किचन शुरू

अन्नामृत फाउंडेशन (इस्कॉन फ़ूड रिलीफ फाउंडेशन), हरे कृष्ण लैंड, रामानुज नगर, कलमना मार्केट – भरतवाड़ा रोड, नागपुर में नव निर्मित “श्री गोविन्ददास सर्राफ (तुमसरवाले) सेंट्रलाइज्ड किचन” में भोजन बनाने का कार्य दिसंबर से प्रारम्भ किया गया। इस अत्याधुनिक रसोई की क्षमता प्रति दिन 75000 से एक लाख विद्यार्थियों के लिए भोजन बनाने की है।

यहाँ से भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार एवं अनेक दान दाताओं के सहयोग से महादुला (कोराडी) ग्रामपंचायत एवं कामठी नगर पालिका के अंतर्गत 27 स्कूलों में 6500 छात्रों को प्रतिदिन मुफ्त में पौष्टिक, स्वास्थ्यकारी एवं शुद्धता के साथ निर्मित भोजन वितरण किया जा रहा है। बच्चों द्वारा इस भोजन को बहुत पसंद किया जा रहा है।

अभी कोरोना वायरस के कारण सम्पूर्ण भारत मे लॉकडाउन होने के वजह से स्कूलों में यह सेवा बंद है। लेकिन दान दाताओं के आग्रह की वजह से अलग से बना कर स्वादिष्ट खिचड़ी भोजन इस त्रासदी में गरीबों एवं जरूरतमंद लोगों को वितरित किया जा रहा है।


अन्नामृत फाउंडेशन नागपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर द्वय राजेंद्रन रामन एवं भगीरथ दास, संजय गुप्ता, केशव पोपलघाट, सागर तांडेकर, नितेश जाम्बुतकर, ऋषिकेश क्षीरसागर आदि कई समाजसेवक इस कार्य को सफल बनाने में जुटे हुये है।

इस सामाजिक कार्य के लिये हाल ही में अन्नामृत फाउंडेशन को “ग्लोबल नागपुर अवार्ड 2019” से नवाजा गया। अन्नामृत फाउंडेशन नागपुर के चेयरमैन डॉ. श्यामसुंदर शर्मा को यह अवार्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं यूनेस्को बायो एथिक के राष्ट्रीय प्रमुख वेद प्रकाश मिश्रा के द्वारा दिया गया। इसके साथ ही एक अभिनंदन पत्र अन्नामृत फाउंडेशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण साहनी को नागपुर फर्स्ट फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष सचिन जहागिरदार ने दिया।

साथ में समाज सेवी अनूप जशनानी भी थे। वेदप्रकाश मिश्रा ने अपने उद्बोधन में भगवद्भक्त नारद एवं ध्रुव महाराज के बीच वार्तालाप का जिक्र करते हुये कहा कि साधारण व्यक्ति अपने से ताकतवर का सम्मान करता है। मध्यम व्यक्ति अमीरों का सम्मान करता है, लेकिन जो उच्च कोटि के व्यक्ति होते है वे प्रतिभाओं का सम्मान करते है। इस कार्य के लिये फाउंडेशन की प्रशंसा की। डॉ. श्यामसुंदर शर्मा ने अपने परिचय के बाद कहा कि जिन लोगों के सहयोग से यह अत्याधुनिक किचन तैयार हुआ है उनमे से कई दान दाता तो सामने ही बैठे है।

विशेष तौर पर अजय संचेती एवं आनन्द संचेती का नाम लेते हुये कहा इनका काफी योगदान रहा। डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि सामने डॉ. मधुसूदन सारड़ा बैठे हुये है वे अन्नामृत फाउंडेशन के पिल्लर है। इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति बैठे हुए थे उनमें चीन के मुम्बई स्थित कॉन्सुलेट टैंग गुओके (Tang Guocai), दिनेश जैन, एस. एम.एस. लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आनंद संचेती, डॉ. प्रकाश हेड़ा, ईश मोहन गर्ग, विजय फणशिकर, डॉ. हरीश कुलकर्णी, बैद्यनाथ के सुरेश शर्मा, अयान सिन्हा, पारस पारेख, शशांक राव, परसिस्टेंट के सुनील बेंद्रे, माइल्स ऑफ स्माइल के राजन अग्रवाल, अजय कपूर, इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद राजीव अग्रवाल ने किया।