Published On : Fri, Nov 27th, 2020

बहुचर्चित अरुण थूल मृत्यु मामले में केन्द्र सरकार के स्वास्थ मंत्रालय द्वारा जांच कमेटी गठित

नागपुर : केयर अस्पताल में 17 अक्टुम्बर को मृतक अरुण थुल को इलाज के लिये दाखिल किया गया था. मरीज केंद्र सरकार के कार्यालय के कर्मचारी थे. उसी के तहत उन्हें केंद्रीय स्वास्थ योजना के द्वारा दी गई सूचि के अनुसार केयर अस्पताल जो की उनके घर के नजदीक होने के कारण उन्हें वहां लेजाया गया था. लेकिन केयर अस्पताल के गलत उपचार पद्धति के कारण उनका निधन 28 ऑक्टोबर को रात 10 बजे हुआ, इसके बाद में परिजनों की शिकायत पर सीताबर्डी पुलिस स्टेशन में में गुन्हा दर्ज किया गया था.

केयर अस्पताल पंचशील चौक नागपुर में स्थित है. इस अस्पताल में चल रहे केंद्रीय स्वास्थ योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा संचालित सभी सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिलता है. केंद्रीय स्वास्थ योजना के तहत पेंशनर को भी इसका लाभ मिलता है. देश के अनेक निजी अस्पताल इस योजना में अपने अस्पताल का नाम शामिल करने कि होड़ में होते है. इस योजना के तहत लाभार्थी को किसी भी तरह का आर्थिक भुगतान नहीं करना होता है. इसके चलते निजी अस्पताल में रोगियों से ” ज्यादा दिन ज्यादा पैसे तथा ज्यादा बिमारी ज्यादा बिल” इस तरह का कार्यचल रहा है क्या इन सभी विषयो की जांच करेगी केन्द्र की जांच समिति ?

नागपुर में स्थित CGHS केंद्रीय स्वास्थ योजना के सेमिनरी हिल्स स्थित कार्यालय के उप-संचालक का कहना था की मृतक के परिजनों ने केंद्र में की गई शिकायत पर केंद्र सरकार के द्वारा 18 नवंबर को हमे पत्र प्राप्त हुआ था. केंद्र सरकार के आदेश पर 3 सदस्यों की जांच कमिटी का गठन किया गया है, तथा केयर अस्पताल से सभी संबंधित कागजात मंगवाए गये है.

केंद्रीय स्वास्थ योजना के तहत आने वाले सभी अस्पताल की सूची में केयर अस्पताल का भी नाम है. इस अस्पताल को सूचि में शामिल होने के संबंध लगने वाली सभी नियमवाली का पालन किया गया की नहीं तथा मरीज व् उनके परिजनों के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार किया जाता है क्या? दिव्यांगों तथा फायर की व्यवस्था है क्या ? बिलिंग संबंध किसी प्रकार की गड़बड़ी है क्या ? ऐसे अनेक विषयो की जांच किए जाने की संभावनाएं दर्शायी जा रही है.