Published On : Thu, Feb 15th, 2018

सीसीटीवी कैमरे से लैस है मनपा की दुर्गानगर की माध्यमिक स्कूल

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नागपुर – नागपुर महानगर पालिका की कुछ स्कूलों में अच्छी व्यवस्था होने के बावजूद भी विद्यार्थियों के पालक उन्हें इन सरकारी स्कूल में भेजने से कतराते हैं. हालांकि वही पालक निजी स्कूलों में या फिर इंग्लिश मीडियम स्कूलों में अपने बच्चों का एडमिशन करने में फर्क्र महसूस करते हैं. शहर में मनपा की भी ऐसी कई स्कूल है जो निजी स्कूलों से कम नहीं है. ऐसी ही एक स्कूल है मानेवाड़ा रोड के दुर्गानगर की माध्यमिक स्कूल. स्कूल की स्थापना वर्ष 1992 में की गई थी. स्कूल पांचवीं से लेकर 10वीं तक है. स्कूल में कुल मिलाकर विद्यार्थियों की संख्या 276 है. स्कूल में एक सेक्शन सेमी इंग्लिश का है और एक मराठी का है. स्कूल में इन्हें पढ़ाने के लिए 14 शिक्षक हैं. स्कूल में वैसे तो 3 चपरासी हैं लेकिन कुछ महीनों से केवल एक ही चपरासी स्कूल में कार्यरत है. स्कूल में बाहर साफसफाई है. रात और दिन के लिए दो सिक्योरिटी गार्ड भी है.

शिक्षकों और स्कूल में विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था

यह स्कूल काफी मामले में शहर की अन्य मनपा की स्कूलों से अच्छी है. ऐसा कहना गलत नहीं होगा. स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या ठीक ठाक है. स्कूल में पीने के पानी की व्यवस्था काफी ज्यादा अच्छी नहीं है और शौचालय भले ही साफ़ किए जाते हों लेकिन विद्यार्थियों को बदबू से परेशान होना पड़ता है. स्कूल में 9 कंप्यूटर है, जिसमें से 2 कंप्यूटर खराब है तो 7 कंप्यूटर उपयोग में आ रहे हैं .

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स्कूल में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए है प्रिंसिपल के रूम से सभी क्लास में नजर भी रखी जाती है. स्कूल में विद्यार्थियों के लिए 15 हजार रुपए प्रतिमाह के अनुसार स्कूल वैन लगाई गई है. एक रिक्शा भी लगाया गया है. जैसा की हमने देखा, स्कूल के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से शिक्षक अपने पैसों से विद्यार्थियों को घर से लाने ले जाने के लिए ऑटो और वैन लगा रहे हैं. स्कूल में शिक्षकों के लिए थंब मशीन भी लगाई गई है. स्कूल की इमारत बढ़ी है साथ ही इसके काफी बड़ा मैदान भी है, जिसमें विद्यार्थी खेल सकते हैं.

स्कूल के बारे में स्कूल प्रिंसिपल का कहना

स्कूल की प्रिंसिपल कविता ठवरे खुद स्कूल के विद्यार्थियों की ओर विशेष ध्यान देती है. ठवरे ने बताया कि विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से पिछले महीने से सभी परिसर में जाकर उनके पालकों को स्कूल में एडमिशन करने के लिए कहा जा रहा है. कुछ विद्यार्थी इस सत्र में बढ़े भी है. कुछ विद्यार्थी दूसरी स्कूलों से आए हैं. ठवरे का कहना है कि पालकों को अपने बच्चों के लिए घर से स्कूल तक लाने ले जाने के लिए वाहन चाहिए होते हैं. कुछ विद्यार्थियों के लिए वैन लगाई गई है, जो पालक एडमिशन कतराते हैं उन्हें भी अपने बच्चों को लाने ले जाने के लिए वाहन चाहिए होते हैं. साथ ही इसके निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल भी होने की वजह से संख्या पर असर पड़ रहा है.

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