Published On : Mon, Mar 2nd, 2015

बुलढाणा : बेपरवाह एसटी महामंडल, यात्री परेशान


15 वर्षों से बुलढाणा-देऊलगाव गुजरी बससेवा बंद

ST Busses
बुलढाणा। विगत 15 वर्षों से एस.टी. महामंडल की लापरवाही से पाडली मार्ग से बुलढाणा- देऊलगाव गुजरी बससेवा बंद पड़ी है. जिससे इस मार्ग पर आने वाले अनेक गांवों के ग्रामवासियों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है. 15 वर्ष पूर्व खडीकरण की सड़क के दौरान बससेवा शुरू की गई थी. लेकिन अब सड़क का रूपांतर डांबरीकरण में होने के वावजूद बस सेवा शुरू नहीं करने से आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है. यहां बस सेवा नहीं होने से गांव के नागरिकों को अपनी जान जोखिम में ड़ालकर निजी यात्री वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है. ग्रामिण क्षेत्र के यात्रियों को परेशानियों से निजात दिलाने के लिए उपरोक्त बस पूर्ववत शुरू की जाए.  ऐसी मांग जोर पकड़ रही है.

जानकारी के अनुसार जिले के गिरडा, हनवतखेड वहीं मराठवाड़ा के पिंपलवाड़ी, देव्हारी, सावडदबारा, ढाबा, नांद्रा, घाणेगाव, घाणेगाव तांडा व गुजरी ग्राम के प्रवासियों के लिए 1998 में बुलढाणा से देऊलगाव गुजरी बससेवा शुरू की गई थी. उस दौरान खड़ीकरण की सड़क थी. उपरोक्त गांव मराठवाड़ा में आते है, उसका आर्थिक व्यवहार बुलढाणा शहर से हो रहा है. इस गांव से सावडदबारा यह महानुभाव पंथ का धार्मिक स्थल है. प्रत्येक वर्ष इस जगह बड़ी यात्रा निकलती है. इस यत्रा के लिए देश भर के महानुभाव पंथीय नागरिक यहां आते है. बुलढाणा से देऊलगाव गुजरी बस का विद्यार्थियों समेत भाविकों को बड़ा फायदा हो रहा था. तीन वर्ष यह बस शुरू थी. वहीं इससे अच्छा उत्पन्न आ रहा था. इसके बावजूद एसटी महामंडलने तीन वर्ष सेवा देने के बाद यह बसफेरी बंद कर दी है. इस मार्ग पर महामंडल की एक भी बस नहीं चलने से उपरोक्त ग्राम के यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर निजी यात्री वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है. इसका ही फायदा उठाकर निजी यात्री वाहनधारक प्रवासियों की आर्थिक लूट कर रहे है.

विगत कुछ वर्ष पूर्व इस मार्ग का डांबरीकरण में रूपांतर होने के बावजूद भी इस मार्ग पर एक भी बस नहीं होने से आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है. इस पर से यह मार्ग निजी यात्री वाहनों के लिए महामंडलने छोड़ा है? ऐसा प्रश्न निर्माण हो रहा है. धाड सिल्लोड मार्ग की ओर आनेवाली अनेक बसेस औरंगाबाद से बुलढाणा व यहां से मलकापूर की ओर जाती है. इसमें एक दो बसेस देऊलगाव गुजरी मार्ग पर छोड़ने से उसका फायदा प्रवासियों सहित महामंडल को भी होगा. अकोला व औरंगाबाद जाने के लिए गांव के नागरिकों को बुलढाणा में आना पड़ता है. इस वजह से उन्हें आर्थिक विलंब शुल्क सहना पड़ रहा है. उपरोक्त गांव के यात्रियों को परेशानियों से निजात दिलाने के लिए उपरोक्त बस जल्द से जल्द शुरू करें. ऐसी मांग जोर पकड़ रही है.