Published On : Tue, Sep 11th, 2018

नासुप्र के फ्लैट्स को नहीं मिल रहे खरीददार

नागपुर: भाजपा वर्ष २०१४ से शहर में सभी को सस्ते और उच्च कोटि का घर देने का राग अलाप रही.४ वर्ष बीतने के बाद भी किसी एक को भी घर देने में सफल नहीं हो पाए.क्यूंकि उनकी घोषणाबाजी जितनी लुभावनी होती हैं,उतनी ही पेचीदगी सरकारी योजना के तहत घर लेने वालों को झेलनी पड़ती हैं,नतीजा सरकारी योजनाओं के घरों,फ्लैट आदि निर्मित तो हो रहे लेकिन बिक्री मामले में फिसड्डी साबित हो रहे हैं.

ज्ञात हो कि एसआरए,म्हाडा,नासुप्र,स्मार्ट सिटी सहित अन्य योजनाओं के तहत शहर में विभिन्न गट के लिए आवास योजना शुरू हैं.निर्मित होने के बाद आवंटन मामला अधर में पड़ जाने के कारण अतिक्रमण का सिलसिला जारी हैं.

दूसरी ओर नागपुर सुधर प्रन्यास ने ऑरेंज सिटी स्ट्रीट मार्ग पर ५-६ दर्जन फ्लैट्स व दर्जनभर दुकानों की एक कॉलोनी निर्मित की.दुकानें तो पिछले साल हुई नीलामी में बिक गए लेकिन फ्लैट्स डेढ़ दर्जन के करीब बिके ,शेष खाली पड़ी हैं.


वजह यह पता चला कि प्रत्येक फ्लैट्स का कीमत ५० लाख से अधिक रखने के साथ ३५ से ३६ हज़ार रूपए सालाना ‘ग्राउंड रेंट’ भी देना पड़ेंगा।इससे इच्छुक खरीददार भाग खड़े हुए.इसके बाद नासुप्र ने बिक्री मामले को लेकर कोई न समीक्षा की और न ही परिसर के सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया। आज इस परिसर की दुर्दशा काफी दयनीय अवस्था में हैं.जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा खर्च कर नासुप्र ने स्कीम खड़ा कर उसे बड़ी बेदर्दी से बर्बाद कर रही हैं.

मोदी फाउंडेशन ने नासुप्र के सभापति अश्विन मुद्गल से गुजारिश की हैं कि इस परिसर का प्रत्यक्ष मुआयना कर बिक्री में बाधा देने वाली समस्या से निजात दिलवाकर जनता का पैसा बर्बाद होने से बचाये।

उल्लेखनीय यह हैं कि नासुप्र के फ्लैट का दर को आधार बनाकर ऑरेंज सिटी स्ट्रीट के दोनों और बने रहवासी संकुल,फ्लैट स्कीम के फ्लैट्स सम्बंधित भवन निर्माता धड़ल्ले से बेचते जा रहे हैं.चंद महीनों में बिल्डर्स अपने सभी फ्लैट्स बेच अन्य परियोजना पर काम शुरू करते जा रहे,दूसरी ओर नासुप्र प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना कहीं ‘दाल में काला’ तो नहीं।