Published On : Thu, May 9th, 2019

शादी की राह में फर्ज का वादा : छुट्टी नहीं मिलने से शहर के दो सीआरपीएफ जवानों की नहीं हो पाई शादी

नागपुर- युद्ध के समय या फिर देश में आपातकालीन समय में सेना और सिपाहियों, सेना के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी जाती हैं. कई देशो में यह नियम भी है. कर्तव्य और फर्ज की खातिर कई बार इनमें ऐसी घटनाएं भी होती हैं जो जवानों की जिंदगी में सबसे महत्वपूर्ण क्षण होते हैं उसमें भी वे शामिल नहीं हो पाते हैं.

ऐसी ही दो घटनाओं में शहर के दो सीआरपीएफ के जवानों की शादी नहीं हो पायी है. दोनों ही जवान नागपुर के रहनेवाले हैं. दोनों की शादी नागपुर में तय हुई थी. लेकिन पुलवामा हमले और गडचिरोली हमले के बाद वहां तैनात सभी जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं. जिसके कारण दोनों सीआरपीएफ जवानों की शादी नहीं हो सकी. पहली घटना में शादी के लिए शहर में अपने घर पहुंचे जवान के घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं. इसी दौरान पुलवामा में सैनिकों पर हमला हो गया. इस निंदनीय घटना के कारण सभी की छुट्टियां रद्द कर दी गईं. इस जवान को भी शादी करने से पहले ही वापस बुला लिया गया.

वहीं दूसरी घटना में गडचिरोली में हुए नक्सली हमले के बाद वहां तैनात सिपाही भी अपनी शादी में शामिल नहीं हो पाया. दरअसल गड़चिरोली में पिछले दिनों हमला हुआ था जिसमें कई जवान शहीद हो गए थे. घटना पिछले हफ्ते की है. शादी में मौजूद प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार नागपुर में रहनेवाला गडचिरोली में ड्यूटी पर तैनात जवान की शादी के दिन बारात पहुंच गई लेकिन दूल्हा गडचिरोली में ड्यूटी पर तैनात होने के कारण नहीं पंहुच पाया. जिसके बाद दुल्हन के पिता ने सभी बारातियों से कहा कि दूल्हा ड्यूटी पर है. सभी बाराती खाना खा लीजिये. दूल्हा शाम को आनेवाला है. लेकिन किसी भी बाराती ने खाना नहीं खाया और सभी बिना खाना खाएं ही लौट गए. शाम होने के बाद भी दूल्हा शादी में नहीं पंहुचा. इस घटना के बाद दूल्हे के पिता को हार्ट अटैक आ गया. उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती किया गया. फिलहाल उनकी तबियत ठीक है. दूसरे दिन दुल्हन के परिजन गडचिरोली दूल्हे को देखने गए कि सच में वह ड्यूटी पर है की नहीं. वहां जाने पर उन्हें घटना के सच होने का पता चला. क्योंकि दूल्हा बननेवाला जवान ड्यूटी पर तैनात था.

By Shubham Nagdeve