
धामणगांव रेलवे (अमरावती)। तहसील के तलेगांव में गत 125 वर्षों से चली आ रही शंकरपट की प्राचीन परंपरा अस्त हो गई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार इस प्रथा को रोका गया. जिसके चलते यहां पूर्व नियोजित शंकरपट में हिस्सा लेने आए पश्चिम विदर्भ के अनेक जिलों के किसानों, खेतिहर मजदुरों को अपनी बैलजोडियों को बगैर दौडाए ही अपने घरों की ओर लौटना पड़ा. 15 से 18 जनवरी तक यहां शंकर पट का आयोजन था. जिसके चलते पश्चिम विदर्भ के कई जिलों से किसानों व मजदूरों ने कडी तैयारी कर यहां पहुंचे थे. किंतु प्रशासन ने इस शंकर पट पर रोक लगा दी. जिससे गांववासियों की सभी तैयारियां धरी की धरी रह गई. शंकरपट पर रोक के चलते अपने-अपने गांव की ओर अपनी बैलगाडिय़ों और सामान के साथ एक साथ लौटने निकले स्पर्धकों के कारण तलेगांव दशासर मार्ग पर 5 घंटों तक यातायात व्यवस्था बाधित रही.
इस समय प्रभारी एसडीपीओ कांबले ने तुरंत घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति पर काबू किया .इस शंकरपट स्पर्धा में अपनी बैलजोडियों के साथ हिस्सा लेने आने वालों में अमरावती, वर्धा, आकोला, यवतमाल सहित अन्य जिलों के गांव से सैकड़ों किसान शामिल हुए थे. शंकरपट के आयोजन के चलते हर वर्ष यहां पर बड़े पैमाने में यात्रा लगती थी. घरेलु उपयोग की सामग्री से लेकर कृषि औजार तक की अनेक दूकाने सजती थी, किंतु पट बंद होने व्यवसाय पर असर पड़ा है.
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