Published On : Wed, Nov 6th, 2019

गोंदियाः 50 हजार की रिश्‍वत लेते बीडीओ गिरफ्तार

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घर में ठेकेदार से रिश्‍वत स्वीकारते एसीबी ने दबोचा

गोंदिया: भ्रष्टाचार अर्थात वह आचरण जो किसी भी प्रकार से अनैतिक और अनुचित हो।
जब कोई व्यक्ति न्याय व्यवस्था के मान्य नियमों का उल्लंघन करते हुए अपनी स्वार्थ पूर्ति की खातिर गलत आचरण करता है तो उसे भ्रष्टाचारी कहा जाता है।

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आज भ्रष्टाचार की जड़ें न सिर्फ भारत में बल्कि गोंदिया जिले में इस कदर फैल चुकी है कि, किसी भी सरकारी कार्यालय में बिना चढ़ावे के कोई काम नहीं होता और फाइल इस टेबल से उस टेबल तक नहीं सरकती?

ठेकेदार पद्धति पर कार्यरित अभियंता से 1:लाख के मानधन चेक पर हस्ताक्षर करने तथा 5 वर्षों तक पुनः नियुक्ति के लिए संबधित विभाग को सिफारिश पत्र भेजने के ऐवज में 50 हजार रूपये की रिश्‍वत स्वीकारते हुए पंचायत समिति तिरोड़ा के गट विकास अधिकारी दिनेश बृजलाल हरिणखेड़े यह एसीबी के हत्थे चढ़ चुके है।

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वाक्या कुछ यूं है कि.. शिकायतकर्ता यह पंचायत समिति तिरोड़ा में 7 मार्च 2017 से ग्रामीण गृह निर्माण अभियंता के पद पर ठेकेदारी पद्धति से कार्यरित था। बाह्य यंत्रणा की निविदा कालावधी समाप्त होने पर शिकायतकर्ता की 30 अगस्त 2019 से सेवा समाप्त की गई , लेकिन पंचायत समिति तिरोड़ा अंतर्गत 1 अप्रैल 2019 से 30 अगस्त 2019 के दौरान किए गए कामों का लगभग 1 लाख रूपये का मानधन शिकायतकर्ता को प्राप्त करना बाकि है।

22 सित. 19 को गट विकास अधिकारी ने शिकायतकर्ता को पंचायत समिति दफ्तर बुलाया और मानधन के चेक पर हस्ताक्षर करने हेतु तथा पुनः ग्रामीण गृह निर्माण अभियंता के पद पर 5 वर्षों के लिए निुयक्त करने के संदर्भ में सिफारिश पत्र संबधित बाह्य यंत्रणा को भेजने के लिए शिकायतकर्ता से 2 लाख रूपये रिश्‍वत की डिमांड कर दी। शिकायतकर्ता यह रिश्‍वत की रकम देने का इच्छुक नहीं था लिहाजा 22 अक्टू. 2019 को उसने भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग गोंदिया कार्यालय पहुंच शिकायत दर्ज करायी।

एसीबी विभाग अधिकारियों ने मामले की गहनता से जांच पड़ताल करते हुए 6 नवं. को जाल बिछाया और गट विकास अधिकारी दिनेश हरिणखेड़े के गोंदिया स्थित द्वारकानगर (जे.एम. हाईस्कूल) समीप मकान पर छापामार कार्रवाई कर 2 लाख रिश्‍वत की रकम में से पहली किश्त के रूप में 50 हजार रूपये की राशि शिकायतकर्ता से स्वीकार करते हुए गटविकास अधिकारी को रंगेहाथों पंच – गवाहों के समक्ष गिरफ्तार कर लिया गया।
अब घूसखोर दिनेश ब्रिजलाल हरिणखेड़े (52) के खिलाफ रामनगर थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून 1988 (सुधारित अधिनियम 2018 ) की कलम 7 के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है।

उक्त कार्रवाई एसीबी नागपुर पुलिस अधीक्षक श्रीमती रश्मी नांदेडकर, अप्पर अधीक्षक राजेश दुद्दलवार के मार्गदर्शन में पुलिस उपअधीक्षक रमाकांत कोकाटे, पुलिस निरीक्षक शशिकांत पाटिल, सफौ. शिवशंकर तुंबडे, विजय खोब्रागड़े, पो.ह. राजेश शेंद्रे, प्रदीप तुलसकर, नापोसि रंजित बिसेन, दिगंबर जाधव, नितीन रहांगडाले, राजेंद्र बिसेन, मनापोसि वंदना बिसेन, गीता खोब्रागड़े व चानापोसि देवानंद मारबते आदि ने की।

एक क्लास वन ऑफिसर जैसी बड़ी मछली पर जाल फेंक कर उसका शिकार किए जाने के बाद अब रिश्वतखोरी में विश्वास रखने वाले अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

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