नागपुर: भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की ओडिशा के बड़गढ़ में स्थित ₹1,775 करोड़ की एकीकृत बायो-रिफाइनरी से वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 163 किलोलीटर (KL) एथेनॉल उत्पादन दर्ज किया गया। यह जानकारी नागपुर के सामाजिक कार्यकर्ता संजय अग्रवाल द्वारा दायर RTI आवेदन के जवाब में BPCL ने दी है।
BPCL ने 24 अगस्त 2026 को जारी अपने जवाब में बड़गढ़ बायो-रिफाइनरी से जुड़ी परियोजना लागत, उत्पादन क्षमता, इस्तेमाल होने वाले फीडस्टॉक, प्लांट की commissioning और उत्पादन से संबंधित जानकारी दी।
1G और 2G प्लांट की कुल क्षमता 63,000 KL सालाना
RTI जवाब के मुताबिक बड़गढ़ में BPCL ने 1G और 2G दोनों तकनीक पर आधारित एथेनॉल उत्पादन संयंत्र स्थापित किए हैं।
कंपनी के अनुसार:
- 2G प्लांट की क्षमता: 30,000 KL प्रति वर्ष
- 1G प्लांट की क्षमता: 33,000 KL प्रति वर्ष
- कुल क्षमता: 63,000 KL प्रति वर्ष
- परियोजना लागत: ₹1,775 करोड़
BPCL ने 2G प्लांट के लिए चावल के भूसे (Rice Straw) और 1G प्लांट के लिए खराब/अधिशेष चावल तथा मक्का को फीडस्टॉक बताया है।
सरकारी Centre for High Technology के रिकॉर्ड में भी बड़गढ़ की 2G परियोजना की क्षमता 100 KLPD और फीडस्टॉक Rice Straw दर्ज है।
FY2025-26 में 163 KL उत्पादन
संजय अग्रवाल की RTI के जवाब में BPCL ने बताया कि 1G प्लांट को 6 अक्टूबर 2025 को और 2G प्लांट को 19 मार्च 2026 को commissioned किया गया था।
इसके बाद FY2025-26 के लिए कंपनी ने निम्न उत्पादन आंकड़े दिए:
| प्लांट | Commissioning | FY2025-26 उत्पादन |
|---|---|---|
| 1G | 6 अक्टूबर 2025 | 87 KL |
| 2G | 19 मार्च 2026 | 76 KL |
| कुल | — | 163 KL |
हालांकि, इन आंकड़ों को पूरे वित्त वर्ष की उत्पादन क्षमता से सीधे तुलना करना उचित नहीं होगा। 1G प्लांट अक्टूबर 2025 में और 2G प्लांट वित्त वर्ष समाप्त होने से महज कुछ दिन पहले मार्च 2026 में commissioned हुआ था।
यानी 2G का 76 KL उत्पादन उसके पूरे साल के प्रदर्शन को नहीं दर्शाता।
लेकिन जुलाई तक 2G का आंकड़ा कहां है?
RTI जवाब का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि BPCL ने 1G प्लांट का FY2026-27 उत्पादन 31 जुलाई 2026 तक 624 KL बताया है। लेकिन इसी अवधि के लिए 2G प्लांट का उत्पादन आंकड़ा जवाब में नहीं दिया गया।
यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि BPCL के मुताबिक 2G प्लांट 19 मार्च 2026 को commissioned हो चुका था।
अग्रवाल ने RTI में दोनों संयंत्रों के संचालन शुरू होने के बाद उनके “full details regarding the annual produced volume” की जानकारी मांगी थी। जवाब में 2G के लिए FY2025-26 का 76 KL आंकड़ा दिया गया, लेकिन जुलाई 2026 तक की वर्तमान वित्तीय वर्ष की उत्पादन मात्रा नहीं बताई गई।
₹1,775 करोड़ की परियोजना, 6.3 करोड़ लीटर सालाना लक्ष्य
बड़गढ़ परियोजना का पैमाना बड़ा है। सरकारी जानकारी के अनुसार इसकी डिजाइन क्षमता लगभग 6.3 करोड़ लीटर एथेनॉल प्रतिवर्ष है—1G से करीब 3.3 करोड़ लीटर और 2G से करीब 3 करोड़ लीटर।
2G संयंत्र को खास तौर पर कृषि अवशेष यानी चावल के भूसे को एथेनॉल में बदलने के लिए तैयार किया गया है। BPCL ने भी अपने RTI जवाब में 2G प्लांट के लिए rice straw को feedstock बताया है।
BPCL के 2G संयंत्र की क्षमता 100 KL प्रतिदिन बताई गई है। मार्च 2026 में इसके commissioning की घोषणा भी की गई थी।
परियोजना का मकसद क्या है?
बड़गढ़ परियोजना को देश में 2G एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने की बड़ी पहल के रूप में देखा गया है। 2G तकनीक में खाद्यान्न के बजाय कृषि अवशेषों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे चावल के भूसे जैसे अवशेषों को जलाने के बजाय उन्हें ईंधन उत्पादन में इस्तेमाल करने का लक्ष्य है।
केंद्र सरकार ने पहले भी बताया था कि बड़गढ़ बायो-रिफाइनरी में लगभग दो लाख टन rice straw सालाना इस्तेमाल करने की योजना है।
शुरुआत में तकनीकी चुनौतियां भी सामने आई थीं
बड़गढ़ परियोजना की commissioning में देरी भी हुई थी। मार्च 2026 में केंद्र सरकार ने संसद में बताया था कि कोविड-19 महामारी से जुड़े व्यवधान, विशेष तकनीकी विक्रेताओं की सीमित उपलब्धता और महत्वपूर्ण उपकरणों की डिलीवरी में देरी जैसी वजहों से परियोजना के implementation timeline पर असर पड़ा।
सरकार ने यह भी कहा था कि commercial-scale 2G ethanol technology अभी अपेक्षाकृत शुरुआती चरण में है और biomass conversion से जुड़ी तकनीकी चुनौतियां commissioning को पारंपरिक ethanol plants की तुलना में अधिक लंबा बना सकती हैं।
अब निगाह 2G के वास्तविक उत्पादन पर
संजय अग्रवाल की RTI से सामने आए आंकड़े परियोजना की commissioning के शुरुआती चरण की तस्वीर देते हैं। 163 KL का FY2025-26 आंकड़ा इसलिए अपने आप में पूरे साल की क्षमता से तुलना का आधार नहीं है, क्योंकि दोनों संयंत्र पूरे वित्त वर्ष के दौरान संचालित नहीं हुए थे।
लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि मार्च 2026 में commissioning के बाद 2G संयंत्र ने अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान कितना उत्पादन किया।
RTI जवाब में इस अवधि के लिए 1G का 624 KL आंकड़ा उपलब्ध है, जबकि 2G के लिए समान अवधि का उत्पादन आंकड़ा नहीं दिया गया है।
₹1,775 करोड़ की इस परियोजना की वास्तविक उत्पादन क्षमता तक पहुंचने की रफ्तार इसलिए आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण होगी।




