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    Published On : Tue, Oct 23rd, 2018

    क्या राज्य सरकार को दिया जा सकता है आधार का डेटा – हाईकोर्ट

    केंद्र सरकार ने जवाब देने के लिए माँगा एक हफ्ते का समय

    नागपुर: राज्य सरकार को आधार कार्ड का डेटा क्या दिया जा सकता है इस मामले में केंद्र सरकार से माँगे गए जवाब को देने के लिए सरकार ने एक हफ्ते का समय माँगा है। केरोसिल वितरण को लेकर कडूजी पुंड द्वारा मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में दाखिल की गई जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने मंगलवार को अपना मत स्पस्ट करने को कहाँ था। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान अपना जवाब देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक हफ्ते का समय माँगा गया जिसे अदालत ने मान्य कर दिया। अब इस मामले की सुनवाई अगले हफ़्ते होगी।

    दरअसल राज्य सरकार के अन्न व नागरी आपूर्ति विभाग ने 21 अगस्त 2015 को राज्य में केरोसिल वितरित करने के लिए नए नियम लागू किया है। जिसके तहत प्रति व्यक्ति प्रति महिला 2 लीटर केरोसिन और एक परिवार को चार लीटर केरोसिन वितरित किया जा रहा है। याचिकाकर्ता के मुताबिक जब केंद्र की तरफ से राज्य सरकार 3 लीटर प्रति व्यक्ति केरोसिन प्राप्त हो रहा है तो राज्य सरकार 2 लीटर क्यूँ दे रही है।

    याचिका में केंद्र द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले केरोसिन का वितरण करने की अपील की गई है। इस प्रोसेस के लिए न्यायालय ने राशनकार्ड पर स्टम्पिंग करने का आदेश सरकार को दिया था। जो अब तक नहीं हो पाया है। जिस पर सोमवार को सुनवाई के दौरान न्या भूषण धर्माधिकारी और न्या श्रीराम मोड़क ने सरकार से पूछा था कि किसी व्यक्ति के पास अगर गैस जोड़ने के लिए राशनकार्ड न हो व्यक्ति के आधार नंबर से क्यूँ न जोड़ा जाये। इसके लिए राज्य सरकार को आधार का डेटा क्यूँ न दिया जाये। इस पर केंद्र की तरफ से कहाँ गया था कि आधार का डाटा राज्य को दिया जाये ऐसा कोई प्रावधान केंद्र सरकार द्वारा नहीं किया गया है।

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