नागपुर टुडे – शहर की 16 स्कूलों समेत जिलाधिकारी कार्यालय, महानगरपालिका और जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिलने के बाद नागपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद धमकी भरे ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति या गिरोह का अब तक कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी जांच में जुट गई हैं।
बुधवार को भी स्कूल शुरू होने से पहले बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) तथा स्थानीय पुलिस की टीमों ने विभिन्न स्कूल परिसरों की गहन जांच की। जांच के दौरान संदिग्ध वस्तुओं और परिसर के संवेदनशील हिस्सों की पड़ताल की गई। किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिलने से प्रशासन ने राहत की सांस ली, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है।
16 स्कूलों समेत सरकारी कार्यालयों को धमकी
मंगलवार को नागपुर शहर की 16 स्कूलों के अलावा जिलाधिकारी कार्यालय, महानगरपालिका और जिला न्यायालय को धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे। ई-मेल में इन स्थानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। एक साथ बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाए जाने से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया था।
सूचना मिलते ही पुलिस ने सभी संबंधित स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी और BDDS की टीमों को जांच के लिए भेजा। स्कूल प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों को भी तत्काल सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
ATS और NIA ने ली जानकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब नागपुर पुलिस के साथ ATS और NIA भी जांच कर रही है। दोनों केंद्रीय एजेंसियों ने सिटी पुलिस से मामले से जुड़ी जानकारी और अब तक की जांच का विवरण लिया है। ई-मेल की तकनीकी जांच के साथ-साथ उसके स्रोत, इस्तेमाल किए गए नेटवर्क और भेजने वाले की पहचान का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि धमकी भरे ई-मेल भेजने के लिए वर्चुअल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था। शुरुआती तकनीकी जानकारी में दो ई-मेल बांग्लादेश और एक ई-मेल फ्रांस से भेजे जाने का संकेत मिला है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्चुअल नेटवर्क या इसी तरह की तकनीक का इस्तेमाल होने के कारण केवल तकनीकी लोकेशन के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि ई-मेल वास्तव में विदेश से ही भेजे गए थे।
ई-मेल में आपत्तिजनक टिप्पणी से बढ़ी गंभीरता
धमकी भरे ई-मेल में आरएसएस विरोधी टिप्पणी का भी उल्लेख होने की जानकारी सामने आई है। इसके चलते जांच एजेंसियां मामले को और गंभीरता से देख रही हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकी भेजने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे कोई संगठित साजिश है।
स्कूलों में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद स्कूल प्रबंधनों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार को कई स्कूलों में छात्रों के अलावा बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्ती बरती गई। स्कूल परिसरों में आने-जाने वालों पर नजर रखी गई और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन कराया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी स्कूलों में समय-समय पर जांच की जाएगी। स्कूल प्रबंधन को सुरक्षा के लिए निर्धारित एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का पालन करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
अभिभावकों में अब भी चिंता
लगातार कई स्कूलों को धमकी मिलने से अभिभावकों में चिंता का माहौल बना हुआ है। हालांकि, अब तक की जांच में किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रहा है।
जांच एजेंसियों का पूरा फोकस अब धमकी भरे ई-मेल के वास्तविक स्रोत और इसे भेजने वाले की पहचान पर है। 48 घंटे बाद भी आरोपी तक नहीं पहुंच पाने के कारण तकनीकी जांच को और तेज कर दिया गया है।




