Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Fri, Dec 21st, 2018

    बोगस एसएनडीएल अधिकारी गिरफ्तार

    नागपुर: दलाली करते-करते एक युवक मीटर इंस्टाल करने में इतना माहिर हो गया कि खुद एसएनडीएल के नाम से बोगस मीटर का काम शुरू कर दिया. खुद को एसएनडीएल का अधिकारी बताकर उसने 1-2 जगह नहीं बल्कि 16 जगहों पर बोगस मीटर लगवा दिए. अभी भी पुलिस की जांच चल रही है. एसएनडीएल की विजिलेंस टीम द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान यह फर्जीवाड़ा सामने आया. प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर भूषणकुमार उपाध्याय ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच के यूनिट 3 को सौंपी. पुलिस ने 2 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों में नाईक तालाब, बांग्लादेश निवासी नीलेश रमेश नंदनवार (30) और तांडापेठ निवासी भास्कर गजानन निमजे (68) का समावेश है.

    विजिलेंस टीम की जांच में सामने आई चोरी
    एसएनडीएल विजिलेंस टीम के भरत बाड़ेवाले 22 अक्टूबर को अपने दल के साथ तांडापेठ परिसर में मीटर जांच मुहिम पर निकले थे. भास्कर के घर पर लगे मीटर की जांच करते समय पता चला कि मीटर बोगस तरीके से लगाया गया है. पूछताछ में उन्होंने नीलेश द्वारा मीटर लगाए जाने की जानकारी दी. नीलेश को पूछताछ के लिए बुलाया गया तो वह घबरा गया और वहां से भाग निकला. तहसील थाने में शिकायत दर्ज की गई. मामला गंभीर था इसीलिए एसएनडीएल ने सीपी उपाध्याय को मामले की जानकारी दी. सीपी ने क्राइम ब्रांच के यूनिट 3 को जांच के निर्देश दिए. इंस्पेक्टर जग्वेंद्रसिंह राजपूत ने मामले की जांच शुरू की और नीलेश को गिरफ्तार किया.

    16 घरों में लगाए मीटर
    जांच में उसने शहर के अलग-अलग इलाकों में 16 घरों में इसी तरह मीटर लगाने की जानकारी दी. पहले तो वह निजी कंपनी में बतौर इलेक्ट्रिशियन काम करता था. बाद में एसएनडीएल में मीटर लगाने की दलाली करने लगा. एसएनडीएल की कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी थी. डिमांड के बोगस फार्म तैयार कर लिए. खुद को एसएनडीएल का अधिकारी बताकर लोगों से 10 से 15 हजार रुपये लेता था. बंद मकानों से मीटर निकालकर वह लोगों के घरों में लाइन जोड़ देता था. कुछ जगहों पर उसने बाजार से मीटर खरीद कर लगाए थे.

    किसी को नहीं आता था बिल
    बिल नहीं मिलने पर लोग उसी से संपर्क करते थे. जल्दी ही सिस्टम से मीटर जोड़ने का झांसा देकर बिल न आने तक मुफ्त में बिजली का उपयोग करने को कहता था. मुफ्त में बिजली का उपयोग करने वाले 16 लोगों पर इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई. न्यायालय ने उसे 24 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं. पुलिस उससे मीटर टेस्टिंग के बोगस फार्म, मीटर फार्म आदि सामान जब्त कर चुकी है. डीसीपी संभाजी कदम और एसीपी संजीव कांबले के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर जग्वेंद्र राजपूत, पीएसआई माधव शिंदे, मंगला मोकाशे, हेड कांस्टेबल रफीक खान, शैलेश पाटिल, विट्ठल नासरे, रामचंद्र कारेमोरे, अरुण धर्मे, दयाशंकर बिसांद्रे, राकेश यादव, विकास पाठक और हरीश बावने ने कार्रवाई को अंजाम दिया.


    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145