Published On : Tue, Oct 28th, 2014

सारखणी : पुलिस के गिरफ्त में बोगस नक्सली


3 महीने पहले व्यापारियों को दी थी धमकी : दबाव में पुलिस!

Pistol
सारखणी (नांदेड़)।
स्थानीय प्रतिष्ठित व्यापारीगण पवन, प्रकाश व सुभाष जायसवाल को एक गुंडों के टोली ने नक्सलवादियों के नाम पर एक धमकी भरा पत्र गत 16-07-2014 को भेजा तथा व्यापारी के नौकर रामय्या के समक्ष बन्दूक की नोक पैर पर 10 लाख की मांग करने से क्षेत्र में खलबली मच गई थी. रामय्या के द्वारा 17-07-2014 को सिंदखेड थाने में शिकायत दर्ज किया गया. पुलिस ने भादवि की 385, 505 तथा आर्म एक्ट 3/25 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. 25-10-14 को एक हस्ताक्षर के बिनाह पर सारखणी निवासी इंदल तुलसीराम चव्हाण (33) के साथ चार लोगों को गिरफ्तार कर सोनेरी टोली के विरूद्ध उपरोक्त दफ़ा के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामला दर्ज कर आगे की जाँच पुलिस निरीक्षक प्रवीण दिनकर व उनके सहयोगी करने में जुट हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, माहुर व किनवट तालुका में नक्सलियों की दहशत की आड़ में उसका लाभ लेते हुए व्यापारी पवन जायसवाल के ड्रायवर ने बोगस नक्सली की टोली बनाई। अपनी टोली मैं अब्दुल मोहित अ. कय्यूम (33), गोंडवाडसा, फैय्याज जलील धकपड़े खाटिक (30), सारखणी, टीनू उर्फ़ संदीप रामाराव राठोड़ (22), सारखणी, शेख इकबाल शे.नसरुद्दीन (33), सारखणी को शामिल करने की बात कबूल की.

इस सम्बन्ध में सिंदखेड पोलिस थाने ने बताया कि वे 1 जुलाई 2014 को जायसवाल व जवाहर जायसवाल को रस्ते के बीचोबीच तलवार की नोक पर तीन लाख पचास हज़ार व मोबाइल छीने जाने के बाद गिरफ्तार था. इसके बाद वे 19-10-2014 व 23-10-2014 को अलग-अलग पांच नक्सलवाद के नाम पर लिख गोंडवाडसा के व्यापारी से पांच लाख, फाजलानी से 20 लाख की मांग की थी. अब जब वे धरे गए तो टीनू उर्फ़ संदीप खुद को बचने चिट्ठी देकर ज़िलाधिकार व पुलिस को दिग्भ्रमित किया, किन्तु पवन जायसवाल के पास सात साल पहले इंदल के हस्ताक्षर के मिलाप से उक्त मोटरसाइकिल लूटने वाली टोली सोनारी का पर्दा फाश हो गया.

अब मुख्य सवाल यह है कि फरियादी की बन्दूक कहाँ है? देसी कट्टा आरोपी कहाँ से लाये? ए.के. 47 रायफल की कारतूस कहाँ से मिली, क्या इन सब की जांच कर रही है? और अब फरियादी रामय्या व उसके पुत्र के साथ मारपीट किये जाने की जांच नांदेड़ के विशेष पोलिस पाठक से करवाने की मांग की जा रही है. साथ ही व्यापारी बंधुओं को सुरक्षा दिए जाने की मांग भी की गई.