Published On : Mon, May 1st, 2017

महाराष्ट्र दिन के दिन विदर्भवादियों ने मनाया काला दिन

Shrihari-Aney

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नागपुर: 1 मई यानि महाराष्ट्र दिन के दिन विदर्भवादी काला दिन मानते है। सयुंक्त महाराष्ट्र से लंबे समय से अलग होने के लिए आंदोलन चलाने वाले विदर्भवादियों ने एक मई के दिन विदर्भ राज्य का अपना झंडा फ़हराने की परंपरा बीते कुछ वर्षों से शुरू की है। नागपुर में विष्णुजी की रसोई में विदर्भ राज्य का झंडा फहराया जाता है। सोमवार को विदर्भवादियों के साथ मिलकर राज्य के पूर्व महाधिवक्ता श्रीहरी अणे ने विदर्भ का झंडा फ़हराया। इस दौरान विभिन्न संगठन से जुड़े लोग उपस्थित थे। वही दूसरी तरफ विदर्भ राज्य आंदोलन समिति द्वारा शहर के गिरीपेठ इलाक़े में स्थित दफ़्तर में विदर्भ राज्य का झंडा फ़हराया गया।

जनप्रतिनिधियों को फ़ोन लगाकर पूछा कब दोगे विदर्भ
विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के अनुसार आज के दिन उनके आंदोलन का एक भाग यह भी था की विदर्भवादी नेताओं को फोन लगाकर पूछे की साहब अब वादे के मुताबिक विदर्भ कब देने। इस आंदोलन के तहत सुबह 9 बजे से लेकर 12 बजे तक कई नेताओं को फोन लगाया गया और उनसे जवाब माँगा गया। समिति के मुताबिक मुख्यमंत्री का मोबाइल बंद होने की वजह से उसने बात नहीं हो पायी। हालांकि केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी को फोन मिला। उनसे समिति की कार्यकर्त्ता वनश्री गेडाम और अरुण केदार की बात हुई लेकिन जब उनसे विदर्भ देने के मसले पर बात छेड़ी गयी तो उन्होंने फ़ोन काट दिया। राम नेवले से रामटेक के सांसद कृपाल तुमाने से हुई बातचीत में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से विदर्भ का समर्थक होने की बात कही ऐसा दावा भी समिति ने किया है।

समिति के ही एक और कार्यकर्त्ता ने पूर्व नागपुर से विधायक कृष्णा खोपड़े से बातचीत में कहाँ की यह मुद्दा उनका नहीं है बेहतर होगा उनके नेताओं से बात की जाये। शहर के ही बीजेपी के एक और विधायक और शहराध्यक्ष सुधाकर कोहले ने कहाँ की उनके अकेले के आवाज उठाने से क्या होगा। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सबको विदर्भ के लिए साथ आने की सलाह दी। वही वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने नंदा पराते से हुई बात में बताया की यह मुद्दा उनकी पार्टी है उन्होंने सही वक्त पर सही निर्णय लेने की बात कहीं।

समिति के सदस्यों से हुई बातचीत में वर्धा के विधायक राजू भोयर ,बुलढाणा से विधायक चैनसुख संचेती और नागपुर से विधायक मिलिंद माने से हम तुम्हारे साथ होने की बात कही जबकि बीजेपी के ही सांसद अशोक नेते ने सांसद में विदर्भ राज्य का मुद्दा उठाने की बात कहीं। अमरावती से आने वाले विधायक सुनील देशमुख और वीरेंद्र जगताप से खुद के महाराष्ट्रवादी होने की जानकारी समिति को दी। हिंगना से विधायक समीर मेघे से विकास का भरोसा दिलाया जबकि काटोल के विधायक आशीष देशमुख ने गुस्से से फोन ही बंद कर दिया।

अपने आंदोलन के संबंध में विदर्भ राज्य आंदोलन समिति द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में नेताओं से इस तरह की बातचीत होने का दावा किया गया है।

मुख्यमंत्री के निवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे विदर्भवादी गिरफ़्तार
सोमवार सुबह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के धरमपेठ स्थित निजी निवास पर कुछ विदर्भवादी कार्यकर्त्ता जमा होकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने विदर्भ राज्य की माँग करते हुए घोषणाबाजी करने लगे। इस प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने तुरंत ही गिरफ़्तार कर लिया।