Published On : Wed, Sep 19th, 2018

सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से बीजेपी का जनसंपर्क अभियान

नागपुर: शहर में भारतीय जनता पार्टी अभी से ही चुनावी मूड में आ गई है। आगामी विधानसभा और लोकसभा के चुनाव भले ही अगले वर्ष 2019 में होने वाले हो लेकिन जनसंपर्क का काम अभी से शुरू हो गया है। लोगो से मिलने जुलने का त्यौहार से अच्छा अवसर भला क्या हो सकता है। वर्त्तमान में गणेशोत्सव शुरू है इस अवसर को भाजपा इस काम के लिए बेहतर मानती है। आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने माइक्रो प्लानिंग शुरू की है जिसकी कमान खुद केंद्रीय मंत्री और नागपुर से सांसद नितिन गड़करी ने संभाली है।

उत्सव के शुरू होने के साथ ही नितिन गड़करी अधिकतर समय नागपुर में ही रह रहे है। शाम के वक्त उनका ज्यादा से ज़्यादा समय सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों में बीत रहा है। इस दौरान वो जनता से जनसंपर्क भी कर रहे है। गड़करी आगे निकलते हुए आगामी चुनाव की प्लानिंग बनाने के मद्देनज़र प्रभाग स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बैठक का सिलसिला भी शुरू कर दिया है।

शहर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के तहत सभी विधायकों को गड़करी ने एक एक दिन का समय दिया है। सोमवार को गड़करी ने दक्षिण नागपुर के विधायक सुधाकर कोहले के साथ विभिन्न गणेशोत्सव मंडलों में भ्रमण किया था।


बीते रविवार को गड़करी ने उत्तर और पश्चिम नागपुर के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। इस बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता से जुड़े सवाल भी पूछे। सार्वजनिक मंडलों में भ्रमण के दौरान गड़करी जनता से उनके ईलाके की समस्याओं का जायजा भी ले रहे है। चुनाव प्रचार के कार्य में उनका परिवार भी साथ दे रहा है। माइक्रो प्लानिंग में वार्ड स्तर पर पार्टी की स्थिति और चुनौती का जायजा उनके द्वारा लिया जा रहा है।

जनसम्पर्क बढ़ाने के लिए कई तरह के कार्य किये जा रहे है। महिलाओं के बीच पैठ बनाने के लिए हल्दी-कुमकुम कार्यक्रमों का बड़े पैमाने पर आयोजन करने का आदेश उन्होंने पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सौपा है।

इसके अलावा आम नागरिको की समस्याओं को सुलझाने के लिए बीते दिनों उन्होंने मनपा और एनआयटी अधिकारियों के साथ भी बैठक की थी। मनपा का काम सीधे तौर पर नागरिकों को प्रभावित करता है। इसलिए कामों में लापरवाही न बरते जाने की ताकीद उनके द्वारा नगरसेवकों को दी गई है। लंबित प्रकल्पो को पूरा करने के लिए वरिष्ठ नगरसेवक प्रवीण दटके को इस मामले को लेकर बैठकें लेने का अधिकार दिया गया है।