Published On : Thu, Oct 5th, 2017

पीएम मोदी को यशवंत सिन्हा का जवाब, अर्थव्यवस्था का चीरहरण होगा तो मैं खामोश नहीं रहूंगा


नई दिल्ली: बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा के अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को इस मुद्दे पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग निराशा फैलाने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी पर बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था का चीरहरण होगा तो मैं खामोश नहीं बैठूंगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक तिमाही में विकास दर नहीं गिरी। इस दौरान यशवंत सिन्हा ने ये भी कहा कि मैं शल्य नहीं हूं।

पीएम मोदी ने निराशा फैलाने वालों को शल्य कहा था
अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाने वालों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को जवाब देते हुए निराशावादी कहा था। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने महाभारत का जिक्र करते हुए निराशा फैलाने वालों की तुलना शल्य से की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी पर बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था का चीरहरण होगा तो मैं खामोश नहीं बैठूंगा। एक न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि सिर्फ एक तिमाही में विकास दर नहीं गिरी। साथ ही यशवंत सिन्हा ने कहा कि मैं शल्य नहीं हूं।

जीडीपी में लगातार गिरावट जारी है
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि अर्थव्यवस्था पर चर्चा शुरू हुई है। अगर प्रधानमंत्री ने खुद देश की जनता के सामने कुछ बातें रखी हैं तो ये स्वागत योग्य है। प्रधानमंत्री मोदी ने जो आंकड़े दिए उस पर मुझे यही कहना है कि आंकड़ों का खेल खतरनाक होता है। 6 तिमाही से विकास दर नीचे आ रहा है। 2019 में होने वाले चुनाव में अगर आप जाएंगे तो लोग ये नहीं पूछेंगे कि यूपीए की तुलना में कैसा काम किया? लोग पूछेंगे कि जो वादे किए गए थे वो पूरे हुए हैं या नहीं।

शल्य नहीं भीष्म हूं: यशवंत सिन्हा
शल्य से की गई तुलना पर यशवंत सिन्हा ने कहा कि महाभारत में हर तरह के चरित्र हैं, शल्य भी उनमें से एक हैं। शल्य कौरवों की ओर कैसे शामिल हुए इसकी कहानी सबको पता है। दुर्योधन ने उन्हें धोखा दिया था। शल्य नकुल और सहदेव के मामा थे और वो पांडवों के साथ लड़ना चाहते थे, हालांकि ठगी का शिकार हो गए। महाभारत में ही एक और चरित्र भीष्म पितामाह का है। भीष्म पर आरोप है कि जब द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था तब वो खामोश रह गए, लेकिन अगर अर्थव्यवस्था का चीरहरण होगा तो मैं बोलूंगा।