Published On : Wed, Sep 24th, 2014

अमरावती : बड़े भाई की जान ली और नाली में फेंक आया शव


शराब बनी हत्या का कारण, रोज होने वाली गाली-गलौज से था परेशान

Murder
अमरावती।
शराब जो न कराए कम है. अपने ही शराबी भाई द्वारा शराब के नशे में रोज गाली-गलौज करने और वेतन का पूरा पैसा शराब में बहा देने से परेशान छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या कर उसकी लाश को एक नाली में फेंक दिया. दो दिन बाद सफाई कामगार को लाश दिखाई देने पर मामले का खुलासा हुआ. मृतक का नाम किशोर नारायणराव श्रीपदवार (40) बताया गया है.

जेब में मिले आधार कार्ड से हुई पहचान
दरअसल, अमरावती के राजापेठ पुलिस स्टेशन के तहत आनेवाली रविकिरण कॉलोनी में पिछले दो दिनों से किशोर श्रीपदवार नामक युवक का शव पड़ा हुआ था. सुबह नाली की सफाई करने आए सफाई कामगार ने सबसे पहले शव को देखा. इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. पुलिस ने दो घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को सीखचों में कैद कर दिया. किशोर कृष्णार्पण कॉलोनी में देवराव निचत के घर में किराये से रहता था. 13 सितंबर की सुबह 8 बजे सफाई कामगार नारायण सूर्यवंशी नालियों की सफाई के लिए आया. रत्नाकर पारेकर के घर के पीछे की सर्विस गली की नाली में किशोर का शव पड़ा था. थानेदार शिवा भगत को सूचना मिलते ही डीसीपी गावराने, एसीपी कलमकर, पीएसआई सालवे आदि घटनास्थल पर पहुंचे और शव की पड़ताल की. मृतक के सिर में किसी तेज हथियार से की गई चोट का निशान नजर आया. मृतक के जेब में मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान की गई.

मोटरसाइकिल पर थे खून के धब्बे
मृतक के रिश्तेदारों को घटना की सूचना देने के साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए इरविन हॉस्पीटल भेजा गया. पुलिस को किशोर के परिवार पर तब शक हुआ जब परिवार को सूचना देने के बाद भी कोई उसे देखने नहीं आया. पुलिस किशोर के घर पहुंची. आंगन में खड़ी मोटरसाइकिल क्रमांक एमएच 16-5612 पर खून के दाग नजर आए. पुलिस ने मृतक किशोर के भाई गजानन से पूछा तो जो जवाब मिला वह सहसा विश्वास करने लायक नहीं था. गजानन ने बताया, हां उसी ने क्रिकेट के बैट से किशोर के सिर पर वार कर उसकी जान ली है. फिर लाश को मोटरसाइकिल की पीछे की सीट पर बांधकर उसे रविकिरण कॉलोनी की सर्विस गली की नाली में फेंक आया.

दारू पिला-पिलाकर मारा
श्रीपदवार परिवार मूलतः यवतमाल जिले के नेरपरसोपंत का निवासी है. परिवार में माँ सहित तीन भाई हैं. पिता नारायण श्रीपदवार की मृत्यु के बाद किशोर को अनुकंपा के आधार पर दस साल पहले कृषि विभाग में नौकरी मिली. राजेश दुपहिया वाहनों की खरीदी-बिक्री करने लगा तो गजानन पेंटर बन गया. इस बीच किशोर को शराब की लत लग गई. वह रोज शराब पीकर आता और घर में वादविवाद करता. सबके साथ गाली-गलौज करता. जब सब असहनीय हो गया तो गजानन ने उसे रास्ते से हटाने का तय कर लिया. गुरुवार को राजेश अपनी माँ के साथ किसी रिश्तेदार के यहां गया था. उस दिन खुद गजानन ने किशोर को बेसुध होने तक दारू पिलाई. फिर क्रिकेट के बैट से मरे तक उसकी पिटाई की.
जब गजानन के ध्यान में यह बात आई कि किशोर तो मर चुका है, उसके होश उड़ गए. उसने लाश को एक चादर में लपेटकर उसे बोरे में डाला और नाली में फेंक आया. बाद में चादर और बोरा भी अम्बापेठ के नाले में फेंक आया. पुलिस ने गजानन के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है.