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    Published On : Wed, Mar 4th, 2020

    आयुक्त कार्यालय से अविनाश,उत्पल बाहर तो जितेश अंदर

    – प्रमोद हिवसे के सिफारिश पर किया गया उलटफेर

    नागपुर : तुकाराम मूंढ़े जब से मनपा में कदम रखें हैं,तब से मनपा में मक्खियों का शिकार शुरू हैं और मच्छरों का लालन-पालन बढ़ गया.अर्थात कनिष्ठ अभियंता पर कार्रवाई,कनिष्ठ निरीक्षक व सफाई मजदुर का तबादला किया जा रहा.वहीं प्रमोद हिवसे दंपत्ति सह ‘एस सर’ कहने वाले को तहरिज दी जा रही.

    सूत्र बतलाते हैं कि आयुक्त के इर्द-गिर्द साए की तरह रहने वाले गैरकानूनी रूप से वाहन चालक से कनिष्ठ लिपिक बनाए गए प्रमोद हिवसे ने सर्वप्रथम पूर्व आयुक्त अभिजीत बांगर को वश में लेकर फर्जी कागजात के आधार पर अपने परिजन को धरमपेठ जोन में कंप्यूटर ऑपरेटर बना दिया।जिसे स्थानीय वार्ड अधिकारी प्रकाश वराडे संरक्षण दे रहे.

    फिर कानाफूसी कर मनपायुक्त कार्यालय में कर्तव्यपरायण कार्यरत कनिष्ठ निरीक्षक अविनाश जाधव और सफाई मजदुर उत्पल हिवाळे को उनके-उनके मूल विभाग में भेजने में अहम् भूमिका निभाई। इनकी जगह वित्त विभाग में कार्यरत उच्च श्रेणी लिपिक जितेश धकाते को पुनः आयुक्तालय में लाया गया.हालांकि धकाते पूर्व आयुक्त बांगर के कार्यकाल में मनपायुक्तालय में कार्यरत थे,धकाते की सिफारिश पर बांगर ने उन्हें उनके मूल विभाग वित्त विभाग में भेज दिया था.

    इसकी साफ़ वजह हैं कि हिवसे वाहन चालक था,उसे कार्यालयीन लिखा-पढ़ी का अनुभव नहीं,सिर्फ दिखाने के लिए कंप्यूटर पर निहारता रहता हैं.आयुक्तालय में जो भी उसके खिलाफ गया कि उसने आयुक्त के कान फूंके।उक्त कृत से मनपायुक्तालय अब मजाक बन गया.आजतक एक भी आला अधिकारी जिनके हस्ताक्षर से ही प्रस्तावों को मंजूरी और भुगतान होते हैं,उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाना उनकी कार्यशैली पर उंगलियां उठा रही हैं.
    शुरुआत में आयुक्त के जनता दरबार में काफी भीड़ देखि जाती थी,जो अब अल्पतम में आ गई,कारण साफ़ हैं कि किसी भी शिकायत,सुझाव पर अमल नहीं हो रहा और किसी की सुनवाई नहीं हो रही.सिर्फ और सिर्फ सत्तापक्ष से जुड़े मसलों पर अड़ंगा लगाया जा रहा.विपक्ष,बसपा,एनसीपी,सेना शांत आयुक्त के कारनामों का मजा ले रही.

    अब देखना यह हैं कि आगामी आमसभा या विशेष सभा में नगरसेवक वर्ग सह सत्तापक्ष क्या गुल खिलाती हैं.

    यह भी कड़वा सत्य हैं कि मूंढ़े को लेकर राज्य के सत्ताधारी पक्षों में तनातनी हैं.कांग्रेस में ही दो फाड़ हैं.निसंदेह जिसका मजा आयुक्त मूंढ़े ले रहे हैं.


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