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    Published On : Sat, Sep 12th, 2020

    नटवरलाल दम्पत्ति की संपत्ति की नीलामी

    फिलहाल स्मृति नगर निवासी राकेश सिंह व उसकी पत्नी नूतन सिंह जेल की हवा खा रहे

    Gavel, Court

    Representational Pic

    नागपुर – केंद्रीय मंत्री की आड़ लेकर कोराडी रोड पर स्थित स्मृति नगर निवासी RAKESH UPENDRA SINGH व उसकी पत्नी NUTAN RAKESH SINGH पिछले कुछ वर्षों से ठगी,जालसाजी जैसे कृत्यों को अंजाम दे रहे थे.इनके खिलाफ कई जगह मामले भी दर्ज हुए,जहाँ से बच निकले।अंततः राज्य के गृहमंत्री के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जलालखेड़ा थाने में दर्ज शिकायत को लगभग 2 साल बाद नागपुर ग्रामीण पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने धर दबोचा,जो आज सलाखों के पीछे समय व्यतीत कर रहे हैं। इसी बीच शहर की एक बैंक ने उनके यहाँ mortgage प्रॉपर्टी की निलामी की सूचना प्रकाशित की हैं.

    याद रहे कि उक्त दंपत्ति के खिलाफ मौजा सिंगर तहसील नरखेड़ के 11 किसानों ने सम्बंधित थाना जलालखेड़ा में एक शिकायत 9 august 2018 में दर्ज करवाई थी कि सिंगर गांव के रोजगार सेवक नीलेश ढोपरे को सरकारी योजना का लाभ प्राप्ति हेतु मनरेगा योजना अंतर्गत जॉब कार्ड बनाने के लिए सभी ने आधार कार्ड,मतदाता पहचान पत्र व फोटो दिए थे.लेकिन ढोपरे ने उक्त सभी कागजातों का दुरूपयोग कर SHREE JAGDAMBA WAREHOUSE के मालिक राकेश सिंह के साथ मिलीभगत कर ‘CROP AGRICULTURE PRODUCE LOAN’ नामक सरकारी योजना अंतर्गत CORPORATION BANK NAGPUR से लोन लिये।
    जाँच में रोजगार सेवक नीलेश ढोपरे की मदद से उक्त बैंक अधिकारियों के सहयोग से उक्त दंपत्ति ने कॉर्पोरेशन बैंक से 5,24,00,000 की जालसाजी करके का मामला प्रकाश में आया.इस सभी आरोपियों के खिलाफ जलालखेड़ा थाने में अपराध क्र. 304/18,420,409,467,468,471 के तहत मामला दर्ज किया गया.बाद में सिंह दंपत्ति और रोजगार सेवक नीलेश ढोपरे को MPID ACT के तहत 24 जुलाई 2020 को गिरफ्तार कर लिया गया,बाद में अन्य सह आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया.इसके बाद MCR होजाने से जेल रवानगी कर दी गई.

    इसी बीच शहर के एक बैंक ने उनके पास उक्त दंपत्ति के समूह के नाम MORTGAGE लोन की चुकता न करने पर नियमानुसार उनकी संपत्ति निलाम करने की नोटिस प्रकाशित हुई.जिसमें स्मृति नगर स्थित उनके निवास स्थान सह कलमेश्वर तहसील के खेतों की निलामी होनी हैं.जिसकी अंदाजन बाजार भाव 8.5 करोड़ रूपए कम से कम आंकी गई हैं.

    कलमेश्वर तहसील अंतर्गत उक्त दंपत्ति की संतरे का बगीचा,पोल्ट्री फॉर्म सह अनाज गोदाम हैं.इन अनाज गोदाम के लिए नाबार्ड योजना अंतर्गत किसी सरकारी बैंक से भी डेढ़ दशक पूर्व लोन लिया गया था,यह कहकर की इन गोदामों का उपयोग वे अपने खेतों के अनाज रखने के लिए करेंगे।गोदामों के समय पर लोन चुकता नहीं करने पर सम्बंधित बैंक ने 1 गोदाम छोड़ कर शेष सभी गोदामों को अपने कब्जे में लेकर इसी कंपनी को 2 लाख रूपए वार्षिक किराए पर दे दिया।जबकि उक्त गोदामों का नाबार्ड योजना अंतर्गत व्यावसायिक उपयोग गैर क़ानूनी हैं,यह भी सवाल उठता हैं कि बैंक अपने बकाया राशि वसूली के लिए गैरकानूनी हथकंडे कैसे अपना सकती हैं ? इस सम्बन्ध में शहर की एम.ओ.डी.आई फाउंडेशन ने जिलाधिकारी से सूक्ष्म निरिक्षण करने सम्बन्धी पिछले माह एक निवेदन दिया था.

    इस दौरान यह भी जानकारी मिली कि कलमेश्वर में निर्मित उक्त गोदामों का उक्त दंपत्ति कमर्सिअल उपयोग किया करते थे,बिहार आदि राज्यों से चावल आदि अनाज शरुआत में ही सस्ते में खरीदी कर इन गोदामों में STOCK किया करते थे,जब मांग बढ़ती थी तब उसे बेचा करते थे.इसी क्रम में उक्त दंपत्ति ने पिछले 2 सालों से कई बिहार आदि के किसानों का बकाया चुकता करने में आनाकानी कर रहे,हाल ही में डेहरी ओनसोन के एक किसान ने अपने गृहक्षेत्र से सम्बंधित थाने में मामला दर्ज करवाया हैं,वे जल्द ही नागपुर में सम्बंधित थानों में मामला दर्ज करवाएंगे।

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