Published On : Sat, Mar 28th, 2020

कोरोना को नजरअंदाज कर जेएसडब्ल्यू प्लांट शुरू करने की कोशिश

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कल फैक्ट्री के सभी कर्मियों को संदेशा दिया गया कि दूसरी पारी से ड्यूटी पर आना हैं

नागपुर – कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी हद से ज्यादा गंभीर लेकिन दूसरी ओर देश के उद्योगपति जिंदल उतनी ही लापरवाही बरतने के फिराक में होने की जानकारी मिली हैं।वे कलमेश्वर स्थित प्लांट शुरू करने के लिए खाकी-खादी से समझौता कर रहे हैं, इस क्रम में प्लांट प्रबंधन की ओर से सभी कामगारों को काम पर लौटने का आदेश दिया गया हैं। जानकारी मिली कि कलमेश्वर स्थित जेएसडब्ल्यू के प्लांट में स्थाई,अस्थाई व ठेकेदारी पर तैनात 2500 के आसपास कर्मी हैं। स्टील संबंधी उत्पादन में इनका बड़ा नाम हैं। सभी कर्मी 3 शिफ्ट में काम करते,कुछ प्लांट परिसर में तो अधिकांश प्लांट के 20 किलोमीटर के हद्द में रहते हैं, जिन्हें रोजाना प्लांट तक लाने के लिए बस सेवा उपलब्ध करवाई गई हैं।

विश्वसनीय सूत्रों की माने तो 21 मार्च की देर रात बिजली बुझाकर प्लांट चलाया जा रहा था,लेकिन स्थानीय पुलिस थाने को खबर लगी और प्लांट में दस्तक दी तो उत्पादन बंद कर दिया गया। 22 से 26 मार्च तक सभी कामगारों को छुट्टी दे दी गई। 27 मार्च को दोपहर में सभी कामगारों को संदेशा भेजा गया कि दूसरी पारी अर्थात दोपहर 2 से 10 बजे रात की पारी से उत्पादन शुरू किया जा रहा। जिसके लिए सभी को बस मार्गों की जानकारी दी गई। इन्हीं में से एक बस लाल गोदाम से शुरू होकर इन्दौरा चौक,जरीपटका पुलिस स्टेशन,मानकापुर चौक होते हुए कलमेश्वर प्लांट ले जाने की जानकारी दी गई थी। जानकारों के हिसाब से कल अगर कामगार प्लांट पहुंचे होंगे तो 2 मिल शुरू करने की योजना थी।

उल्लेखनीय यह हैं कि क्या जेएसडब्ल्यू प्रबंधन को उनके कर्मियों की जान की परवाह नहीं हैं क्या। क्या जिंदल समूह को प्रधानमंत्री सह जिले के मंत्री,जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक का पूर्ण समर्थन प्राप्त हैं, इसलिए प्रबंधन अपने कामगारों के जान से खिलवाड़ कर रहा और धारा 144 का उल्लंघन कर रहा।

कलमेश्वर सह शेष इंड्रस्ट्रियल क्षेत्रों की इकाइयां बंद हैं, उक्त मामले में उनकी चुप्पी समझ से परे हैं।