Published On : Wed, Jun 3rd, 2020

राष्ट्रीयीकृत बँक कर्मचारियोंने की कामगारवर्ग की सहायता

– विदर्भ बँक एम्प्लॉइज फेडरेशन का सहारनीय उपक्रम

नागपुर – प्राणघातक बीमारी कोरोना को हराने के लिए लॉक डाऊन मे सबसे अधिक कार्य बँकिंग कर्मचारियोंने अपने जीवन को जोखीम में डालकर किया. बँक कर्मचारी भी इन कठीण परिस्थितीमें बाकी कोरोना योद्धाओं की तरह काम कर है. ऐसीही परिस्थिती में विदर्भ बँक एम्प्लॉईज फेडरेशन के आव्हानपर व सौजन्यसे पुरे राष्ट्रीयकृत बँक कर्मचारियोंने भारतीय मजदूर संघ नागपूर जिल्हा की सहयोग से कामगारों को अनाज के साथ जीवनावश्यक वस्तूओं की कीट दी गयी।

विदर्भ बँक एम्प्लॉईज फेडरेशन ने कामगारों की जानकारी लेकर इस योजना के बारे में बताते हुए कहा कि जीसके भरोसेपर संपूर्ण देश चलता है उस लाखो कामगार बडे पैमाणे पर खस्ता हालत में अपनी जिंदगी काट रहे है उन कामगारों की ओर सहायता का हाथ बढाया है। कोरोना महामारी के कारण मुश्किल में फसे तमाम कामगारों को अनाज के साथ ही जीवनावश्यक वस्तूओंकी कीट दी गयी। जरूरतमंदो को जिनके पास राशनकार्ड नहीं है उन्हे राशन दुकान से राशन देने की प्रयास किया जायेंगा ऐसा विदर्भ बँक एम्प्लॉईज फेडरेशन के महामंत्री श्री नितिन बोरवणकर ने स्पष्टोक्ती दि।

इस अवसर पर संघटन के अध्यक्ष श्री विनायक जोशी,उपाध्यक्ष श्री सुरेश चौधरी, प्रकाश मोहितकर,ट्रेझरर श्री किशोर बापट, नेशनल बँक वर्कर्स ऑर्गनायझेशन के श्याम हुद्दार,भारतीय मजदूर संघ विदर्भ प्रदेश कार्याध्यक्ष श्री अशोक भुताड, विवेक देशपांडे भामसं नागपूर जिल्हा के प्रमुख श्री गजानन गटलेवार की प्रमुख उपस्थिती में काँग्रेस नगर स्थित विदर्भ बँक एम्प्लॉईज फेडरेशन के कार्यालय मे इसका वितरण किया गया।

बँक कामगार जगत के अन्य संघटनो के कामगार नेता श्री अरविंद भूमराळकर (स्टेट बँक) श्री महेंद्र भिसिकर (कॅनरा बँक)श्री स्वप्नील देशपांडे(केनरा बँक),श्री विघ्नेश पाध्ये(महाराष्ट्र बँक),श्री अशोक काळबांडे (युनियन बँक),श्री दादाराव मुंडे(बँक ऑफ इंडिया),श्री प्रशांत रामटेके (नागपूर नागरिक सहकारी बँक)भामसंघ नागपूर जिल्हा के कोषाध्यक्ष श्रीमती सुहास तिवारी तथा सभी राष्ट्रीयकृत बँक कर्मचारी नेता प्रामुख्तासे उपस्थित थे।

संपूर्ण विदर्भ में विदर्भ बँक एम्प्लॉईज फेडरेशन की और से इस प्रकार का अनाज वितरण किया जायेगा ऐसी जानकारी संघटन के उपाध्यक्ष श्री सुरेश चौधरी ने एक प्रसिद्धी पत्रक मे दी।