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    Published On : Sat, Oct 6th, 2018

    मौका मिला तो गड़करी के ख़िलाफ़ लड़ूँगा चुनाव – आशीष देशमुख

    नागपुर : काटोल विधानसभा से इस्तीफ़ा दे चुके बागी बीजेपी नेता आशीष देशमुख ने फिर एक एक बार बीजेपी पर निशाना साधा है। शनिवार को नागपुर के प्रेस क्लब में फिर एक बार उन्होंने बीजेपी सरकार और नेताओं पर हमला बोला। विधानसभा से इस्तीफा देने वाले काटोल ने पत्रकारों से राष्ट्रीय राजनीति में जाने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने यह भी कहाँ कि अगर उन्हें अवसर मिलता है तो वह नागपुर के केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के ख़िलाफ़ भी चुनाव लड़ सकते है। उन्हें इस्तीफ़ा दिए हुए चार दिन हो चुके है बावजूद इसके इसे मंजूर नहीं किया गया है। उन्होने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहाँ है कि उनका इस्तीफ़ा जल्द स्वीकार किया जाये और काटोल में उपचुनाव कराया जाये। देशमुख के मुताबिक बीजेपी काटोल में उपचुनाव जीतकर बता दे।

    अपनी महत्वकांक्षा को सार्वजनिक करते हुए देशमुख बोले की वो अब केंद्रीय राजनीति में जाने के इच्छुक है। जिससे जाहिर होता है की वो आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। उनके मुताबिक अगर उन्हें मौका मिलेगा तो वो गड़करी के खिलाफ भी चुनाव लड़ेंगे। गड़करी के लिए नागपुर अब अनुकूल नहीं रह गया है। युवा,हलबा,दलित,मुस्लिम,महिला सबमे असंतोष है। गड़करी वो काका बोलते है काटोल में भी उन्होंने काका के खिलाफ ही चुनाव लड़ा था अगर फिर मौका मिला तो जरूर चुनाव लड़ूँगा। देशमुख ने पत्रकारों को विदर्भ की किसी भी सीट से चुनाव लड़ने के लिए खुद के तैयार होने की बात कही। उन्होंने आगे बताया की उन्हें संदेह है की शायद उनका इस्तीफा मंजूर न किया जाये। उन्होंने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ काटोल में भी चुनाव कराये जाने की माँग की है।

    देशमुख की बातचीत में उनका कांग्रेसी प्रेम जमकर दिखाई दे रहा है। कहाँ जा रहा है कि देशमुख के कांग्रेस में उनके प्रवेश को लेकर पूर्व सांसद विलास मुत्तेमवार और खुद चुनाव लड़ने की इच्छा मन में पाले नगरसेवक प्रफुल्ल गुडधे नाराज है। इस पर उनसे कांग्रेस के भीतर प्रवेश की चुनौतियो के सवाल पर उन्होंने विनोदी अंदाज में कहाँ कि उनके प्रवेश को लेकर शहर के कार्यकर्त्ता तो विलसित और प्रफुल्लित है।

    बीजेपी में असंतुष्टो की फौज
    देशमुख ने दावा किया की बीजेपी में असंतोषों की भारी फौज है मंत्रिमंडल विस्तार के बाद असंतुष्ट खुद पार्टी से बाहर हो जायेगे। अकेले विदर्भ में ही 54 में से 44 बीजेपी के विधायक है जिनमे भारी रोष है। उन्होंने बताया की उनके द्वारा इस्तीफे का फैसला लिए जाने के बाद कई विधयाको ने उन्हें फोन कर उनके निर्णय को अपना समर्थन जाहिर किया। वो खुद अन्य विधायकों को पत्र लिखेंगे और और उनकी नाराजगी की जानकारी लेंगे।

    गड़करी ने विदर्भ राज्य पर दिया धोखा,कांग्रेस देगी राज्य
    देशमुख ने कहाँ कि गड़करी ने विदर्भ राज्य पर जनता को धोखा दिया है। केंद्र और राज्य में सरकार होने के बावजूद बीजेपी अब विदर्भ का नाम तक नहीं लेती। बीजेपी ने राज्य बनाने का वादा किया था जिसे पूरा न कर पार्टी ने विदर्भ की पीठ पर खंजर घोपा है। नागपुर में हर वर्ग गड़करी से नाराज है। वो चाहते है की उनके काका सांसद बने लेकिन नागपुर में बीजेपी और गड़करी दोनों के लिए हालात मुश्किल है। ऐसे हालातों में गड़करी को किसी सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ना चाहिए। कांग्रेस में आज के दौर में नया नेतृत्व और नया जोश है।

    कांग्रेस ने तेलंगाना राज्य दिया है। ऐसे में उनसे उम्मीद है। पार्टी में जाने के बाद विदर्भ राज्य का मुद्दा कांग्रेस के नेताओं के सामने रखा जायेगा। फ़िलहाल वो किसी भी शर्त के बिना पार्टी से जुड़े है। इस्तीफा मंजूर होने के बाद प्रवेश लेंगे। जल्द ही वो भविष्य की राजनीति के सिलसिले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से मुलाकात करेंगे।

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