Published On : Fri, Nov 5th, 2021

कोराडी पावर प्लांट कर राख मिश्रित पानी किसानों के खेत में

-1 माह में 3 बार फुटी पाइप लाइन,अधिकारी झाड़ रहे पल्ला, किसान परेशान

कामठी – नागपुर-कामठी मार्ग पर नाका नं 2 के खसाला ग्राम पंचायत में कोराडी पावर प्लांट की ऐश बंड की पाइप लाइन फुटने से गांव के किसानों के खेतों में प्लांट का राख मिश्रित पानी घूसने से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है. बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी प्लांट के अधिकारी इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं देने से अब पीड़ित किसानों ने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है.

नागपुर-कामछी मार्ग के नाकां नं 2 का खसाला गांव कोराडी पावर प्लांट से सटा है. कोराडी से निकलनेवाली राख पाइप लाइन के माध्यम से ऐश बंड में छोड़ी जाती है. यह पाइप लाइन खसाला गांव के किसानों के खेत के किनारे से होकर गुजरती है. इस माह में लगातार तीन बार यह पाइप लाइन फुटने से पाइप से होकर गुजरने वाला राख मिश्रित पानी गांव के सुभाष भोयर, मानिक वैरागड़े, गजानन वैरागड़े और दत्तू रोकडे नामक किसानों के खेतों में जा घूंसा. इस बात की जानकारी किसानों ने गांव के सरपंच रवि पारधी को दी. सरपंच पारधी ने इस संदर्भ में पावर प्लांट के मुख्य अभियंता प्रकाश खंडारे, सिविल अभियंता करारे और वाठ को देकर इस समस्या से अवगत कराया. लेकिन इन अभियंताओं ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया और आज भी किसानों के खेतों में राख मिश्रित पानी जमा होने से किसानों को काफी नुकसान झोलना पड़ रहा है. अब तो आलम यह खेतों में 3 से 4 फिट राख मिश्रित पानी जमा हो गया है और किसान अब अपने ही खेतों में नहीं जा पा रहे है. बावजूद इसके पावर प्लांट के अधिकारियों ने इस पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं करने से किसानों की परेशानियां निरंतर बढ़ती जा रही है.


डूब गया प्राचिन हनुमान मंदिर
गांव के किसान सुभाष भोयर के खेत में पिछले कुछ सालों से फसल की उगाई नहीं होने से जमीन बंजर हो गई. ऐसे में उन्होने पूरक व्यवसाय के तौर पर खेत में ईंट भट्टी लगाई. उनके खेत में काफी पुराना और प्राचिन हनुमान मंदिर भी है. लेकिन प्लांट का राख मिश्रित पानी घूसने से खेत में रखी ईंटें और मंदिर पूरी तरह से राख के पानी में डूब गये है. खेत में जाने का मार्ग भी बंद होने से किसान भोयर मदद की गुहार लगा रहे है, लेकिन इनकी सुननेवाला कोई नहीं है. आए दिन ऐसी समस्या निर्माण होने से स्थानीय किसान परेशान हो गए है.

तो कौन लेगा जिम्मेदारी
किसानों की इस समस्या को लेकर पावर प्लांट के मुख्य अभियंता से लेकर संबंधित सभी अधिकारियों को लिखित शिकायत और निवेदन भी सौंपं गए है. इसके अलावा जिले के ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत , जिलाधिकारी, एसडीओ और तहसीलदार को भी ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया गया है. लेकिन सभी अधिकारी और जनपगतिनिधि मामला एक-दूसरे पर ढकेलने से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है. किसान परेशान है. यदि पावर प्लांट अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया तो, स्थानीय और पीड़ित किसानों ने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है. यदि ऐसा कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा ?

रवि पारधी, सरपंच खसाला, तह. कामठी