Published On : Tue, Jun 12th, 2018

दिल्ली में हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा जारी

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एलजी से मुलाकात में अपनी तीन मांगों के पूरा नहीं होने पर वह कैबिनेट सहयोगियों मनीष सिसोदिया, गोपाल राय और सत्येंद्र जैन के साथ राज निवास के वेटिंग रूम में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, वे वहां से नहीं हटेंगे। देर रात तक सभी राज निवास के अंदर ही बैठे हुए थे। केजरीवाल ने राज निवास से ट्वीट किया कि हमने एलजी को एक पत्र सौंपा लेकिन उन्होंने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।

कार्रवाई करना एलजी का संवैधानिक कर्तव्य है। कोई विकल्प नहीं बचने पर हमने उनसे कहा है कि जब तक वह सभी मुद्दों पर कार्रवाई नहीं करते, तब तक वे वहां से नहीं जाएंगे। इसके बाद सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि हमारी तीन मांगें हैं। एक, चार महीने से जारी अधिकारियों की गैरकानूनी हड़ताल तुरंत खत्म कराई जाए। दूसरी, काम नहीं करने और रोकने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और तीसरी राशन की डोर टू डोर डिलीवरी योजना को मंजूरी दी जाए।सिसोदिया ने लिखा कि हड़ताल के बारे में हमने एलजी से पांच बार मुलाकात की लेकिन उन्होंने इसे खत्म कराने के लिए कुछ नहीं किया। यदि एलजी इस तरह हड़ताल का समर्थन करेंगे तो चुनी हुई सरकार कैसे काम करेगी।

इससे पहले सुबह शुरू हुए हाईवोल्टेज ड्रामे में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का आम आदमी पार्टी का प्रस्ताव सोमवार को विधानसभा में पारित कराया गया। बाद में पूर्ण राज्य की मांग को लेकर एलजी दिल्ली छोड़ो अभियान की शुरुआत करते हुए केजरीवाल ने कहा कि केंद्र और पीएमओ लगातार हमारे काम में अड़ंगा लगाने की कोशिश कर रहे हैं। सीबीआई, एसीबी जैसी सरकारी एजेंसियों को हमारे पीछे लगाकर काम करने से रोका जा रहा है।

राज निवास के बाहर जुटे विधायक-कार्यकर्ता
केजरीवाल समेत मंत्रियों के धरने की सूचना मिलते ही आम आदमी पार्टी के विधायक समर्थकों के साथ राज निवास पहुंचने लगे। हालांकि पुलिस ने बैरीकेड लगाकर इन्हें रोका। पार्टी समर्थक राज निवास के बाहर जुटकर देर रात तक नारेबाजी करते रहे।

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एलजी अनिल बैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने सहयोगियों के साथ बेवजह धरने पर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने उन्हें अधिकारियों को राज निवास बुलाने और हड़ताल खत्म कराने की धमकी दी।

राज निवास से जारी बयान में कहा गया है कि मुलाकात में एलजी ने केजरीवाल को बताया कि अधिकारी किसी तरह की हड़ताल पर नहीं है। अधिकारियों में केजरीवाल सरकार के प्रति अविश्वास का माहौल है। वे डरे हुए हैं। उपराज्यपाल की सलाह के बावजूद मुख्यमंत्री ने अपनी तरफ से विश्वास बहाली के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

पूर्ण राज्य का दर्जा दिया तो प्रधानमंत्री मोदी के लिए मांगूंगा वोट : केजरीवाल
विधानसभा में दिल्ली को पूर्ण राज्य के दर्जे के प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए केजरीवाल ने कहा कि अगर पीएम नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के अपने चुनावी वादे को पूरा करते हैं तो वह आगामी चुनाव में घर-घर जाकर उनके लिए खुद वोट मांगेंगे।

लेकिन अगर पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिला तो दिल्ली वाले भाजपा बाहर जाओ की पट्टी अपने घरों पर लगाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से वह भाजपा और कांग्रेस नेताओं के पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने से जुड़े बयान और दोनों दलों के घोषणा पत्रों को पढ़ रहे थे। दोनों पार्टियां हर चुनाव में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा करती हैं लेकिन बाद में मुकर जाती हैं।

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