Published On : Wed, May 15th, 2019

चार साल से लगातार पिला रहे हैं यातायात पुलिस कर्मियों को गरमी में ठंडा पना

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नागपुर: भीषण गरमी में चौराहों में यातायात का सिस्टम सम्हालनेवाले यातायात पुलिस कर्मियों को आम का पना पिलाने का उपक्रम शहर की संस्था ने शुरू किया. यह अभिनव उपक्रम चार वर्षों से इलाहाबाद बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी अशोक खंडेलवाल द्वारा किया जा रहा है.

इस कार्य की प्रेरणा उन्हें एक महिला यातायात पुलिसकर्मी से मिली थी. 2015 मई में दोपहर 12 बजे अशोक किसी की अंतिम यात्रा से लौट रहे थे, तब 45 डिग्री तापमान में उसे बीच चौराहे पर निष्ठां से अपनी ड्यूटी निभाते हुए देखा. तभी से अशोक ने सोचना शुरू किया कि गर्मी में इन कर्मचारियों के लिए कुछ करना चाहिए जो की गर्मी, ठण्ड या बारिश की परवाह ना करते हुए निष्ठां से अपना कार्य करते हैं.

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खंडेलवालजी जुलाई 2015 में राष्ट्रीयकृत इलाहाबाद बैंक से रिटायर्ड होने के बाद अप्रैल 2016 से काफी मनन चिंतन के बाद इस कार्य को करने का निश्चय स्वप्रेरणा से किया. तब से प्रति वर्ष अप्रैल के अंतिम सप्ताह से आप अपना यह सेवाकार्य प्रारम्भ करते है जो मई के आखिरी दिन तक शुरू रहता है. इस सेवाकार्य के लिए आप किसी से किसी भी प्रकार की आर्थिक सहयोग नहीं लेते है. आप किसी संस्था से भी नहीं जुड़े है तथा व्यक्तिगत रूप से ही कर रहे हैं.

शीतल मीठा पना पिलाने का कार्य प्रतिदिन 11.30बजे से शुरू होता है. घर का बना पना करीब 6/7 लीटर 6 बड़ी बोतल में लेकर उनकी सेवा यात्रा जापानी गार्डन चौक से शुरू होकर उसके पश्चात काटोल रोड चौक, पागलखाना चौक, एल.आई.सी.चौक,रिज़र्व बैंक चौक, गोवारी चौक, टी पॉइंट, मानस लोहा पुल चौक, वेराइटी चौक, रानी लक्ष्मीबाई चौक, रहाटे कॉलोनी चौक में तैनात यातायात पुलिस कर्मियों को पना पिलाते हुए दोपहर करीब 1.30तक घर वापस आते हैं. स्वयं की चिंता किये बिना वे सतत इस कार्य की कर रहे हैं. इस कार्य में उनका साथ पंजाब नेशनल बैंक के सेवानिर्वत्र कर्मचारी श्री इ.म.र. नायडू भी निस्वार्थ देते हैं.

प्रातः 8 बजे से घर पर पना बनाने की प्रक्रिया शुरू ही जाती है। इसमें कच्चा आम उबलने से लेकर उसको बनाने के कार्य सम्मलित है. घर में जमाया हुआ बर्फ ही इसमें उपयोग में लाया जाता है. शुद्धता और पौष्टिकता का खास ख्याल रखा जाता हूं. पना बनाने की पूरी प्रक्रिया अशोकजी की पत्नी श्रीमती पूर्णिमा खंडेलवाल, सेवानिवर्त मुख्यधापिका , झुनझुनवाला हाई स्कूल नागपुर द्वारा किया जाता है. सभी तक पना ठंडा पहुचे इसका खास ख्याल रखा जाता है.

इस सामजिक सेवा कार्य में अशोकजी के पोते पोती और नाती नातिन सोहम (13वर्ष), साईशा(7वर्ष) तथा अंश (4वर्ष) भी उनके साथ कभी कभी पना पिलाने जाते हैं तथा वे लोग हर वर्ष गर्मी आने का इंतज़ार करते है। इसका उद्देश्य बच्चो में बचपन से ही सामजिक दायित्व की भावना का बीज़ बोना है.

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