Published On : Sat, Sep 21st, 2019

सिर्फ सफाईकर्मियों के अतिरिक्त पद भर्ती को मिली मंजूरी,निकला अध्यादेश

विशेष रूप से अस्थापना खर्च ३५% की अनिवार्यता शिथिल की गई

नागपुर : नागपुर मनपा की एक दिसंबर २०१६ की आमसभा में मनपा की आस्थापना अंतर्गत अधिकारियों/कर्मियों की आकृतिबंध व सेवाप्रवेश नियम को मान्यता प्रदान की गई थी.इसके बाद ४ फरवरी २०१७ को मनपा प्रशासन ने शासन मंजूरी हेतु प्रस्ताव शासन के दरबार में पेश किया था.जिसे कुछ नियम/शर्तो के साथ ४४०७ एवजदार सफाई कर्मियों के स्थाई करने संबंधी कल २० सितम्बर २०१९ को मंजूरी प्रदान कर अध्यादेश जारी किया गया.आकृतिबन्ध के तहत अबतक ४६०२ पदों को शासन द्वारा मंजूरी मिल चुकी हैं.इस सफलता का पूर्ण श्रेय वर्त्तमान सत्तापक्ष नेता संदीप जोशी व पूर्व महापौर प्रवीण दटके को तमाम एवजदारों ने दी हैं.

याद रहे कि मनपा प्रशासन ने शासन मंजूरी के प्रस्ताव भेजने के बाद मनपा के खुद के आय स्रोत,वर्त्तमान की आस्थाना खर्च और नए पद भर्ती से होने वाली आर्थिक भार के मद्देनज़र सुधारित पदों की निर्मिति का प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा गया.
नगर विकास विभाग द्वारा कल जारी हुए अध्यादेश के अनुसार पहले चरण में मनपा आस्थापना के विविध संवर्गो के २०१ पदों की भर्ती को मान्यता प्रदान पहले ही की जा चुकी हैं.

मनपा में सफाई कर्मियों की ३९३९ पद मंजूर हैं.फ़िलहाल वर्त्तमान में ४४०७ एवजदार कर्मी कार्यरत हैं.इनमें से अधिकांश २० से २५ वर्षो से कार्यरत हैं.इन्हें नए आकृतिबन्ध के तहत बढ़े पदों के अंतर्गत स्थाई करने के प्रस्ताव को मान्यता प्रदान करने की गुजारिश मनपा प्रशासन ने की हैं.मनपा प्रशासन द्वारा नगर विकास विभाग को भेजे गये नए आकृतिबन्ध द्वारा ४६२१ अतिरिक्त सफाई कर्मी के पद भर्ती की मांग पर शासन ने ४४०७ सफाई कर्मी के अतिरिक्त पद भर्ती को मान्यता प्रदान की.इस मंजूरी के बाद मनपा प्रशासन सर्वप्रथम एवजदार सफाई कर्मियों की स्थाई नियुक्ति करेंगी। और जो एवजदार सेवानिवृत्ति के कगार पर हैं,उसके जगह उनके वारिशों को स्थाई नहीं किया जाएगा।यह अध्यादेश लाड-पागे समिति की शिफारिश के तहत की जा रही भर्ती के लिए भी लागु रहेंगा।

इसके साथ ही नागपुर मनपा को नगर विकास विभाग द्वारा सभी मनपाओ के लिए तय ३५% आस्थापना खर्च नियम से शिथिल किया गया.

उल्लेखनीय यह हैं कि सफाई कर्मियों को स्थाई करते वक़्त एवजदार सफाई कर्मी का एवजी कार्ड,कम से कम २० वर्ष सेवा देने वालों को प्रधानता दी जाएंगी।इसी अध्यादेश के तहत मनपा आयुक्त को नए एवजदार भर्ती पर बंदी लगाई गई हैं.यह भी अंकित हैं कि अगले आर्थिक वर्ष में आस्थापना खर्च की मर्यादा ३५% तक लेन के लिए ठोस पहल की जाए.जब तक मनपा का आस्थापना खर्च तय मर्यादा के हद्द में नहीं आता,तबतक नई पद निर्मिति का प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन दरबार में न भेजा जाए.